अमरीकी मिसाइल परीक्षण विफल

अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने ईरान के संभावित हमले से रक्षा के लिए बनाए गए मिसाइल का परीक्षण किया है लेकिन यह विफल रहा है. अधिकारियों का कहना है कि समुद्र स्थित रडार प्रणाली में आई ख़राबी की वजह से मिसाइल का निशाना सही नहीं लगा.
टारगेट मिसाइल, जिसे हमलावर के मिसाइल के रुप में देखा जा सकता है, को मार्शल द्वीप से दागा गया था. इंटरसेप्टर यानी बचाव प्रणाली के मिसाइल को कैलिफ़ोर्निया के वायुसैनिक अड्डे से दागा गया था.
15 करोड़ डॉलर का यह परीक्षण भले ही विफल हुआ है लेकिन इससे यह ज़ाहिर हुआ है कि अमरीका खाड़ी की ओर से संभावित ख़तरों से निपटने के लिए नई प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित कर रहा है. विशेष रुप से ईरान की छोटी और मध्यम दूरी से मार करने वाली मिसाइलों के हमलों को रोकने के लिए. इसमें ईरान के समुद्री तट के क़रीब विशेष पोतों की तैनाती और खाड़ी के कई देशों में मिसाइल रोधी प्रणाली की स्थापना शामिल है.
परीक्षण
प्रशांत महासागर के ऊपर किया गया अमरीका का यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में किया गया है जब पेंटागन ने रिपोर्ट प्रकाशित की है कि ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों की अपनी क्षमता में वृद्धि कर रहा है जिससे मध्य पूर्व में अमरीका और सहयोगी सेनाओं के लिए ख़तरा बढ़ गया है.
अधिकारियों ने कहा है कि टारगेट और इंटरसेप्टर दोनों मिसाइलों का प्रक्षेपण ठीक था लेकिन रडार के ठीक तरह से काम न करने की वजह से इंटरसेप्टर सही निशाना नहीं लगा सका. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अमरीका ने पहली बार ईरान के संभावित हमलों को ध्यान में रखकर लंबी दूरी की प्रतिरक्षा प्रणाली का परीक्षण किया है.
इससे पहले अमरीका ने उत्तर कोरिया के मिसाइलों से प्रतिरक्षा के लिए इस तरह के परीक्षण किए हैं. अमरीका सहित कई पश्चिमी देश ईरान की तरह उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताते रहे हैं और इन दोनों देशों पर दबाव बनाते रहे हैं कि वे अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दें.












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