जर्मनी के राष्ट्रपति भारत दौरे पर, कई समझौते की आशा (लीड-1)

एक उच्च स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ वर्ष 2003 से लेकर अब तक भारत दौरे पर आने वाले कोहलर पहले जर्मन राष्ट्रपति हैं। कोहलर मुंबई और पुणे भी जाएंगे।

जर्मन दूतावास की ओर से यहां सोमवार को कहा गया है कि कोहलर के इस दौरे का मुख्य मकसद आपसी सहयोग पर आधारित 21वीं सदी की एक वैश्विक नीति बनाने के लिए भारत और जर्मनी को मिल कर काम करने हेतु एक नए रास्ते को खोलना है।

मनमोहन सिंह कोहलर के साथ मंगलवार को कई सारे द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

दोनों नेता अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, वैश्विक वित्तीय संकट, जलवायु परिवर्तन और गरीबी घटाने जैसी वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।

कोहलर, राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी, विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से भी मुलाकात करेंगे।

भारत और जर्मनी के बीच असैन्य परमाणु सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हो सकती है। जर्मनी ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत का समर्थन किया है और नई दिल्ली के निवेदन पर वह परमाणु सुरक्षा में अपनी विशेषज्ञता भी भारत को देने को उत्सुक है।

कोहलर शुक्रवार को मुंबई में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव के साथ मुलाकात करने वाले हैं। इस मुलाकात के दौरान वैश्विक वित्तीय संकट और वित्तीय नियमन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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