अप्रैल 2010 तक भारत चरण-4 के उत्सर्जन मानक
मोटरवाहन ईंधन नीति की रिपोर्ट ने दिल्ली (एनसीआर), कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद, सूरत, पुणे, बंगलुरू, कानपुर और आगरा नामक 11 महानगरों को अत्याधिक वायु प्रदूषण के कारण सख्त मानकों के लिए चिन्हित किया गया था।
नई सवारी कारों के लिए मार्ग निर्देश का उद्देश्य देशभर में पहली अप्रैल, 2008 से लेकर पहली अप्रैल 2010 से पहले ही भारत चरण-3 के मानकों का क्रियान्वयन करना है।
केंद्र सरकार ने 13 सितम्बर 2001 को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के तत्कालीन महानिदेशक डा. आर.ए. माशेलकर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्तर की एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। इसका उद्देश्य देश के लिए एक मोटरवाहन ईंधन नीति हेतु सुझाव प्राप्त करना, उसके क्रियान्वयन के लिए मार्ग निर्देश तैयार करना, मोटर वाहन के लिए समुचित ईंधन, मोटर वाहन प्रौद्योगिकियों के साथ ही वित्तीय और संस्थागत उपायों का सुझाव प्राप्त करना था।
विशेषज्ञ समिति ने 25 सितम्बर, 2002 को अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। मंत्रिमंडल ने 6 अक्टूबर, 2003 को मोटरवाहन ईंधन नीति पर प्राप्त रिपोर्ट के सुझावों पर सभी सुझावों को अपनी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने केवल अंतर्राज्यीय बसों और ट्रकों, वित्तीय उपायों आदि के संदर्भ में क्रियान्वयन की तिथि में मामूली संशोधन के साथ अपनी मंजूरी दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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