सत्ता नहीं है भाजपा का लक्ष्य: आडवाणी

मध्य प्रदेश के एक दिवसीय प्रवास पर आए आडवाणी ने उज्जैन में संत रविदास जयंती महाकुंभ और भोपाल में नवनिर्वाचित पार्षदों के सम्मेलन में हिस्सा लिया। भोपाल में आडवाणी ने कहा कि वह कोई अनुभव के मोती बांटने नहीं आए, बल्कि अपने मन की प्रसन्नता जाहिर करने आए हैं।
लोगों में गलत धारणा पैदा की गई
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद कुछ लोगों ने जानबूझकर अथवा कुछ लोगों ने अनजाने में यह धारणा बना दी कि भाजपा एक ढहती हुई पार्टी (दिस पार्टी इज डिक्लाइन) है, लेकिन उसके बाद हुए चुनाव में भाजपा को बड़ी सफलताएं मिलीं और वह क्रम अब भी जारी है और उससे प्रसन्नता होती है। साथ ही उस धारणा को मिटाने में सहायता मिली है, जो एक चुनाव के बाद बनाई गई थी।
उन्होंने नवनिर्वाचित पार्षदों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि वे जनभावनाओं के अनुरूप काम करें और भ्रष्टाचार को न पनपने दें। राजनीति में पनप रहा भ्रष्टाचार कलंक है, इसके खिलाफ हमें मोर्चा खोलना है और इसे खत्म करने की शुरुआत स्थानीय निकायों से करना होगी। साथ ही जनता को सुशासन देना हमारी पहली जिम्मेदारी है।
उज्जैन में आयोजित संत रविदास जयंती महाकुंभ में उन्होने कहा कि वे गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश की सरकारों के काम से संतुष्ट है। भाजपा शासित तीनों राज्यों की सरकारें जनता की जरूरतों के मुताबिक काम कर रही है और यह देखकर मन आनंद से भर जाता है।
हर वर्ग का ख्याल रखकर काम करेंगे
आडवाणी ने कहा कि वे अभी हाल में गुजरात और कर्नाटक होकर मध्य प्रदेश आए हैं। इन राज्यों में भाजपा को जीत मिली थी तब खुशी हुई ही थी मगर अब उससे कहीं ज्यादा खुशी इसलिए होती है क्योंकि ये सरकारें जनता के लिए काम कर रही हैं।
आडवाणी ने मध्य प्रदेश सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि यहां शुरू हुई लाडली लक्ष्मी योजना को दूसरे राज्यों ने भी अपनाया है। यहां हर वर्ग का ख्याल रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। भाजपा शासित राज्यों में विकास देखकर मन आनंद से भर जाता है।
इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनहित में चलाई जा रही योजनाओं को जरूरत मंदों तक पहुंचाने का आहवान किया। उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को सचेत किया कि वे स्वार्थ के लिए राजनीति न करें।












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