असमिया बोलने पर छात्रा हुई अपमानित, आत्महत्या की कोशिश
असमिया बोलने पर अध्यापक द्वारा कथित तौर पर अपमानित और दंडित करने की वजह से लड़की ने आत्महत्या का प्रयास किया।
किशोरी नबनिता दास को शहर के अस्पताल में गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। उसके पीठ में चोट आई है। चिकित्सक ने लड़की की स्थिति खतरे से बाहर बताया है।
लड़की ने कहा कि गुरुकुल व्याकरण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य ने स्कूल परिसर में कुछ दोस्तों के साथ असमिया में बात करने पर उसे बेहद अपमानित किया।
अस्पताल में नबनिता ने पत्रकारों से कहा, "मुझे उप-प्रधानाचार्य ने दंडित किया और घुटने के बल चलने को कहा। उसके बाद असमिया फिर से न बोलने के लिए मुझसे 1,000 बार अंग्रेजी में लिखवाया। मुझे कक्षा एक के छात्र से अंग्रेजी सीखने को भी कहा। मुझे अपने दोस्तों के सामने अपनी बेइज्जती महसूस हुई लिहाजा मैंने छत से कूदकर आत्महत्या करने का फैसला किया।"
अभिभावकों और रिश्तेदारों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ गलत आचरण करने का आरोप लगाया और पूरे मामले के पड़ताल की बात कही।
नबनिता के भाई गौतम दास ने आईएएनएस को बताया, "कोई अध्यापक हमारा सहयोग नहीं कर रहा है और वे कुछ भी बताने से इंकार कर दे रहे हैं। स्कूल परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी हमें हटाने की कोशिश कर रहे हैं जैसे हम कोई अपराधी हों।"
स्कूल प्रशासन ने घटना के बारे में कुछ भी कहने से इंकार किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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