नक्सल विरोधी अभियान से रेल सुरक्षा को खतरा
पुलिस के मुताबिक राज्य में कुल 216 रेलवे स्टेशन हैं और लगभग 146 स्टेशन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "रेलवे संपत्तियों को सुरक्षा पहुंचाना सुरक्षाबलों के लिए हमेशा ही चिंता का विषय रहा है। नक्सलियों ने अब यात्री रेलगाड़ियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। नक्सलियों के विरुद्ध अभियान की शुरूआत करने से पहले ही रेलवे स्टेशनों को सुरक्षा मुहैया कराने की आवश्यकता है।"
हैतिया रेलवे डिविजन के लगभग 70 फीसदी स्टेशन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थित हैं। चक्रधरपुर रेलवे डिविजन के अधिकांश रेलवे स्टेशन भी नक्सल प्रभावित क्षेत्र में ही हैं।
नक्सलियों ने गत वर्ष नवंबर में टाटानगर और चक्रधरपुर रेलवे स्टेशनों के बीच रेल पटरी पर एक यात्री रेलगाड़ी को निशाना बनाकर विस्फोट किया था। इस विस्फोट में रेलगाड़ी की कुछ बोगियां पटरी से उतर गईं थीं और तीन लोगों की मौत हो गई थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को कहा था कि नक्सल प्रभावित चार राज्यों झारखण्ड, बिहार, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों की बैठक अगले महीने कोलकाता में आयोजित की जाएगी, जिसमें नक्सलियों के खिलाफ अंतर्राज्यीय संयुक्त अभियानों के बारे में एक व्यापक रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
राज्य के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने पिछले सप्ताह केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम से मिलकर कहा था कि उनकी सरकार नक्सल विरोधी अभियान में केंद्रीय सुरक्षाबलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications