भाषा के नाम पर भेदभाव स्वीकार नहीं : गडकरी
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पार्टी मुख्यालय में सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "संविधान की धारा 19 (1) (ई) के तहत सभी भारतीयों को देश में कहीं भी बसने और रोजगार करने अधिकार है और यही हमारी राष्ट्रीय एकता को मजबूती प्रदान करता है। जनसंघ के जमाने से ही हम इस सिद्धांत पर विश्वास करते आए हैं। इसी सिद्धांत के आधार पर हमने जम्मू एवं कश्मीर में धारा 370 का हमेशा विरोध किया है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा ने भाषाई, क्षेत्रीय और धार्मिक पहचान को सच्चाई के रूप में स्वीकार किया है। देश की अनेकता में एकता को तभी मजबूती मिलती है जब इन पहचानों का मिश्रण हो और भारतीयता की एक राष्ट्रीय पहचान उभर कर सामने आए। इसमें न तो विवाद है और न हो सकता है।"
गडकरी ने कहा, "देश का नागरिक किसी भी भाषा, क्षेत्र और धर्म का हो लेकिन इससे भारतीयता की उसकी पहचान कभी भी धूमिल नहीं हुई। भाजपा कभी भी उस सिद्धांत को स्वीकार नहीं करेगी जहां भारतीयता तथा भाषा, क्षेत्र और धर्म के बीच भेद हो।"
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में भाषा और क्षेत्रीयता के के नाम पर हिंदी भाषी और उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों की प्रतिक्रिया में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी स्पष्ट कर चुके हैं कि इस प्रकार का संकीर्ण क्षेत्रवाद संघ को स्वीकार नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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