बीटी बैंगन से होगा सुरक्षित भोजन के अधिकारों का उल्लंघन
'यूथ फॉर सेफ फूड' समूह की सदस्य नयनी नासा ने कहा, "हमारे पास सुरक्षित भोजन और अनुवांशिक रूप से संशोधित (जीएम) भोजन को लेकर अधिकार है जिसका कि बीटी बैंगन उल्लंघन करता है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किसानों को यह कहकर फुसलाया गया है कि जेनेटिक बीजों से अच्छा उत्पादन होगा और यह कीड़ों से प्रभावित नहीं होगा।"
विरोध के तहत तीस प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री जयराम रमेश को एक बैनर भेजने की योजना बनाई है, जिस पर उनके और अन्य लोगों के हस्ताक्षर होंगे। नासा ने कहा कि इस विरोध का उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना है।
प्रदर्शन में शामिल हुए मोहित वर्मा ने कहा, " हमने आज के ही दिन को (महात्मा गांधी की पुण्य तिथि) विरोध दर्ज कराने के लिए इसलिए चुना क्योंकि अनुवांशिक रुप से संशोधित बीजों से की गई खेती नुकसानदायक है और यह महात्मा गांधी के सिद्धांतों के खिलाफ है।"
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने देश के विभिन्न शहरों में सार्वजनिक परामर्श के लिए एक अभियान चलाया है। जिसके बाद यह तय किया जाएगा की बीटी बैंगन के उत्पादन की मंजूरी दी जाए अथवा नहीं।
गत अक्टूबर में ही सरकार की जेनेटिक इंजीनियरिंग स्वीकृति समिति ने मंजूरी दे दी थी। लेकिन, समिति की एक सदस्य पुष्पा भार्गव ने आरोप लगाया है कि निर्णय लिए जाने से पहले सभी आवश्यक परीक्षण नहीं किए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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