लखवी के खिलाफ अदालत में सबूत दायर
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार रावलपिंडी की एक जेल में उच्च सुरक्षा वाली आतंकवाद निरोधी विशेष अदालत में साक्ष्यों का दस्तावेज पेश किया गया।
एक वकील ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया, "सरकारी वकील ने न्यायाधीश मलिक मुहम्मद अकरम अवान के सामने सात आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य पेश किया।"
सभी आरोपी इस समय आदिला जेल में हैं और केवल सुरक्षा कारणों से मुकदमे का संचालन वहां हो रहा है। सातों आरोपियों के नाम लखवी, जरार शाह, अबु अल-कामा, हमार अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और युनूस अंजुम हैं।
सूत्रों ने साक्ष्यों का ब्योरा देने से इंकार किया लेकिन कहा कि सरकार के पास मुंबई हमले में लखवी और उसके सहयोगियों के शामिल होने के साक्ष्य देने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
सरकारी वकील के साक्ष्य पेश करने के बाद मुकदमे की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी।
इन सभी पर पिछले वर्ष मुंबई हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था।
भारत सरकार मुंबई हमले के संबंध में पाकिस्तान की जांच से संतुष्ट नहीं है। भारतीय अधिकारियों को विश्वास है कि लश्कर प्रमुख हाफिज सईद मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं में से एक है और उस पर मुकदमा चलना चाहिए।
पाकिस्तान का कहना है कि सईद पर मुकदमा चलाने के लिए उसके पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं। उधर गृह मंत्री पी.चिदम्बरम बार-बार कह चुके हैं कि सईद के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत पाकिस्तान को सौंपे जा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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