चुनाव आते ही फूटने लगा जद (यू) नेताओं के मन का गुबार
ललन सिंह ने शनिवार को पत्रकारों से चर्चा में कहा कि किसी भी पार्टी में लिए कार्यकर्ता रीढ़ होते हैं जबकि जद (यु) में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है। उनकी नाराजगी इस बात से भी है कि दल में शामिल होने वाले नए लोगों को पुरस्कृत किया जा रहा है जबकि पुराने कार्यकर्ताओं को उपेक्षित रखा जा रहा है।
ज्ञात हो कि ललन सिंह पटना में रहने के बावजूद पिछले कुछ महीनों से पार्टी कार्यालय नहीं जा रहे हैं।
उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की बात से कन्नी अवश्य काट ली परंतु इतना जरूर कहा कि वे पद पर रहें या ना रहें जद (यु) में बने रहेंगे तथा पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र के लिए संघर्ष करते रहेंगे। ज्ञात हो कि पिछले दो दिनों से यह चर्चा जोरों पर है कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
इस मसले पर जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पत्रकारों ने कुछ जानना चाहा तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह इस संबंध में कुछ नहीं कहेंगे।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह ने भी पिछले दिनों महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर आयोजित एक समारोह में सरकार के कामकाज के तौर तरीके पर नाराजगी व्यक्त की थी। इसी वर्ष बिहार विधान सभा का चुनाव होना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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