सभी पाकिस्तानी आतंकवादी नहीं : राजमोहन गांधी
राजमोहन गांधी ने कहा, "भारत कई धनी लोगों का देश है। परंतु भारत में काफी अधिक संख्या में गरीब लोग भी हैं। यदि देश वास्तव में दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनना चाहता है, जिसके लिए भारत सक्षम है, मेरे पास साझा करने को तीन सूत्र हैं।"
गांधीजी के निकट सहयोगी जे.सी.कुमारप्पा की 50वीं पुण्यतिथि पर आयोजित एक व्याख्यान में राजमोहन गांधी ने कहा, "भारत को लालच के पीछे भागना बंद करना चाहिए, भारत को ऊंच और नीच का विचार त्याग देना चाहिए और भारत को कहना चाहिए धार्मिक आधार पर कोई पहचान नहीं।"
इसकी व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन स्थानीय लोगों को उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने संसाधन समृद्ध जनजातीय बहुल मध्य भारत का हवाला दिया जहां लोग खनन परियोजनाओं को निजी कंपनियों को देने के सरकारी कदम का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "इन संसाधनों को कुछ लोगों को नहीं दिया जाना चाहिए। इससे वे अधिक धनी हो रहे हैं और स्थानीय लोग विस्थापित होते हैं। यह लालच के लिए हो रहा है।"
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को ऊंचा समझा जा रहा है और कुछ को अपमान के लायक समझा जाता है। यह रोका जाना चाहिए।
अपने 10 मिनट के भाषण में उन्होंने कहा, "कोई छवि नहीं बनाइए। कोई सामान्यीकरण नहीं करिए। लोगों में जाति, रंग और धर्म के आधार पर कोई भेद न हो।"
उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि पाकिस्तान में आतंकवादी हैं और राज्य कुछ आतंकवादी संगठनों को समर्थन देता है लेकिन हर पाकिस्तानी आतंकवादी नहीं है। हर पाकिस्तानी को यह साबित नहीं करना है कि वह आतंकवादी नहीं है।
व्याख्यान का आयोजन न्यू इंडियन एक्सप्रेस समूह के तमिल दैनिक दिनामणि ने किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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