आशंकाओं के बीच राष्ट्र ने मनाया 61वां गणतंत्र दिवस (राउंडअप)
देश के 61वें गणतंत्र दिवस को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। राजधानी में राजपथ पर सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन देखने के लिए सर्द और कोहरे से भरी सुबह के बावजूद हजारों लोग उपस्थित हुए।
सभी राज्यों की राजधानियों और जिला मुख्यालयों, स्कूल, कॉलेजों सहित विभिन्न स्थलों पर भी गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया गया।
राजधानी में कोहरे के कारण परेड से पहले परंपरागत रूप से हेलीकॉप्टरों से राजपथ पर गुलाब की पंखुड़ियों को गिराना रद्द कर दिया गया बहरहाल 'फ्लाईपास्ट' तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुआ।
परेड में परंपरागत रूप से भारतीय सेना के नए आयातित हथियारों और स्वदेश में विकसित रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। परेड 110 मिनट चली।
सशस्त्र सेनाओं, अर्धसैनिक बलों और राष्ट्रीय कैडेट कोर के साथ परेड में युद्धक टैंक अर्जुन, मध्यम दूरी की मिसाइल अग्नि-3, ध्वनि से तेज गति वाली मिसाइल सूर्य, एक हथियार बंद एंबुलेंस और अत्याधुनिक रडार आकर्षण का प्रमुख केंद्र थे।
परेड की सलामी लेने वाली राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने शांति काल में देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार 'अशोक चक्र' से तीन व्यक्तियों को सम्मानित किया।
इनमें से दो लोगों-मेजर मोहित शर्मा और हवलदार राजेश कुमार को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया जिसे उनकी पत्नियों मेजर रिशिमा शर्मा और मीता कुमार ने ग्रहण किया। तीसरा अशोक चक्र मेजर डी. श्रीराम कुमार को प्रदान किया गया।
गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली मयांग-बाक के साथ सलामी मंच के समक्ष पहुंचने पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने उनकी अगवानी की।
इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इंडिया गेट युद्ध स्मारक पर अज्ञात शहीदों को श्रद्धांजलि दी। दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस.ओबेरॉय ने परेड का नेतृत्व किया।
कोहरे के कम होने के बाद सबकी निगाहें आसमान की ओर थीं और उनको निराश नहीं होना पड़ा। सबसे पहले विशालकाय परिवहन विमान आईएल-76 राजपथ के ऊपर से गुजरा, उसके बाद छोटा परिवहन विमान एएन-32 और टोही विमान डोर्नियर गुजरा।
इसके बाद भारतीय वायुसेना में नया शामिल हुआ अवाक्स (एयरबॉर्न वार्निग एंड कंट्रोल सिस्टम) और उसके पीछे दो सुखोई विमान लड़ाकू विमान गुजरे। जगुआर विमानों और तीन एसयु-30 विमानों ने आकाश में 'त्रिशूल' का आकार बनाते हुए उड़ान भरी।
उधर, विभिन्न राज्यों के राज्यपालों ने अपने-अपने प्रदेश की राजधानी में परेड की सलामी ली और तिरंगा फहराया।
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के बहिष्कार की अपील के बावजूद विभिन्न इलाकों में लोगों ने गणतंत्र दिवस समारोहों में हिस्सा लिया।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त ने रायपुर के परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया। उन्होंने लोगों से कहा कि सरकार नक्सली हिंसा से निपटने के लिए पूरा प्रयास कर रही है।
दत्त ने कहा, "लोगों और जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सरकार नक्सली हिंसा से निपटने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। इसके लिए लोगों को भी समर्थन करना होगा। "
मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बस्तर क्षेत्र के जगदलपुर में तिरंगा फहराया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए नक्सली हिंसा का खात्मा जरूरी है।
मध्य प्रदेश में गणतंत्र दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड मैदान में राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर ने तिरंगा फहराया।
राज्यपाल ने प्रदेश विकास में सभी की सक्रिय भागीदारी को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि आम आदमी की सक्रिय भागीदारी के बिना प्रदेश का विकास नहीं हो सकता है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रीवा में ध्वजारोहण किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रदेश के विकास में साथ दें ताकि तस्वीर को बदला जा सके।
बिहार में मुख्य समारोह पटना स्थित गांधी मैदान में आयोजित किया गया। यहां राज्यपाल देवानंद कोनवार ने तिरंगा फहराया।
उन्होंने कहा कि बिहार भी विकास के रास्ते पर चल पड़ा है। यहां शिक्षा एवं महिलाओं की उन्नति के लिए सरकार द्वारा काफी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में अब अपराधिक घटनाओं में कमी आई है जो यहां की विधि-व्यवस्था को दर्शाती है।
इस मौके पर जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एन. एन. वोहरा ने अलगाववादियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए समस्याओं को सुलझाया जा सकता है।
राज्यपाल वोहरा ने जम्मू के मौलाना आजाद मेमोरियल स्टेडियम में तिरंगा फरहाया और परेड की सलामी ली। उन्होंने इस मौके पर राज्य के अलगाववादियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राज्यपाल बी.एल.जोशी ने विधानभवन में तिरंगा फहराया।
विधान भवन में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री मायावती एवं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में राज्यपाल बी.एल.जोशी ने सेना और अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) तथा एनसीसी कैडेटों की परेड की सलामी ली।
गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रदेश पुलिस के आठ अधिकारियों व कर्मचारियों को वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा तीन अधिकारियों को सराहनीय व 34 को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक से नवाजा गया।
तमिलनाडु के मैरिना तट पर राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला ने सुबह आठ बजे तिरंगा फहराया और तीनों सेनाओं और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सलामी ली।
समारोह में मुख्यमंत्री एम.करुणानिधि, उप मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन, मंत्री, अधिकारी और आम नागरिक उपस्थित थे। करुणानिधि ने लोगों को अन्ना वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया।
आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ई.एस.एल.नरसिम्हन ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोगों से शांति और सौहार्द बनाने की अपील की।
सिंकदराबाद परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराने के बाद नरसिम्हन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे शांति और सौहार्द बनाकर रखें ताकि राज्य विकास के पथ पर अग्रसर रहे।
नरसिम्हन ने कहा, "मैं समाज के हर वर्ग के लोगों से अपील करता हूं कि वे शांति और सौहार्द बनाकर रखें। मुझे आशा है कि राज्य के विकास में सभी हाथ बटाएंगे। नक्सली हिंसा से निपटने में राज्य सरकार कामयाब रही है। "
इसके अलावा अन्य राज्यों में भी गणतंत्र दिवस के समारोह शांतिपूर्वक सम्पन्न हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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