राष्ट्रपति के भाषण के खास बिंदू
नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि दूसरी हरित क्रांति के जरिए खाद्य कीमतों में कमी लाने के लिए संकुचित दायरे से बाहर निकल कर सोचने की जरूरत है। उनके भाषण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं :
* उच्च कृषि आमदनी 600,000 गांवों में 14.50 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाएगी।
* उन नीतियों को जारी रखें जो विकास को प्रोत्साहित करती हों।
* गरीबों और वंचितों को सशक्त किया जाए और उन्हें आर्थिक विकास की ओर बढ़ने के लायक बनाया जाए।
* विकास प्रक्रिया में महिलाओं को पूरी तरह से बराबर का भागीदार बनाए जाने की जरूरत है।
* उद्योग और कृषि के बीच संपर्क स्थापित किया जाए।
* नीतियों और योजनाओं को ठीक से लागू किया जाए, भ्रष्टाचार को समाप्त किया जाए और जवाबदेही लाई जाए।
* परिणाम केंद्रित कार्रवाई के लिए तथा विकास के लिए भागीदारों का एक व्यापक तंत्र खड़ा करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी और स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं हैं।
* खासतौर से महिलाओं के साथ भेदभाव संबंधी सामाजिक कुरीतियों को उखाड़ फेंका जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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