6 महीने के भीतर विचाराधीन कैदियों की संख्या दो तिहाई कम हो जाएगी : मोइली (लीड-1)
देश की जेलों में विचाराधीन कैदियों की बढ़ती भीड़, न्याय वितरण प्रणाली में देरी और लंबित पड़े मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए विधि और न्याय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि आपराधिक मामलों के न्याय में तेजी लाने के लिए सरकार ने एक मिशन शुरू किया है लेकिन जघन्य अपराध से जुड़े कैदियों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोइली ने कहा कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के उच्च न्यायालयों से विचाराधीन कैदियों को चिन्हित करने के लिए कहा है। ऐसे कैदियों में जघन्य मामलों के अपराधी शामिल न हों।
न्याय प्रणाली के संदर्भ में सरकार की पहल के बारे में मोइली ने संवाददाताओं को बताया, " हम 31 जुलाई तक विचाराधीन कैदियों के दो तिहाई मामलों का निपटारा करना चाहते हैं। यह चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है लेकिन इसे पाया जा सकता है। यह मिशन 26 जनवरी से शुरू होगा।"
मोइली ने कहा, "न्याय प्रणाली में देरी की वजह से देश की जेलों में विचाराधीन कैदियों की संख्या 300,000 से अधिक थी जो कैदियों की कुल संख्या का 70 फीसदी हिस्सा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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