गणतंत्र दिवस की परेड में नहीं दिखेगी उत्तर प्रदेश की झांकी
उत्तर प्रदेश के सूचना निदेशक अजय उपाध्याय ने सोमवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस बार राजपथ पर उत्तर प्रदेश की झांकी देखने को नहीं मिलेंगी, क्योंकि रक्षा मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी जो गणतंत्र दिवस पर थीमों का चयन करती है, ने उत्तर प्रदेश की तरफ से झांकी के लिए भेजी गई तीन थीमों को अपनी स्वीकृति नहीं दी।
उपाध्याय ने कहा कि हमें ज्ञात हुआ है कि कमेटी ने उत्तर भारत से केवल उत्तराखंड राज्य को ही गणतंत्र दिवस की परेड में अपनी झांकी प्रदर्शित करने की स्वीकृति दी है। अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश ने अपनी झांकी के लिए इस बार राज्य सरकार की सामाजिक योजनाओं (स्कीमों) पर तीन थीम कमेटी को दी थी।
पहली थीम बालिका समृद्धि योजना के नाम से थी। इसमें बच्ची के जन्म लेने पर सरकार की ओर से उसके नाम एकमुश्त रकम जमा की जाती है। लड़की जैसे ही 18 साल की होगी उसे 1 लाख रुपये मिल जाएंगे। दूसरी थीम महामाया बालिका शिक्षा मदद योजना की थी। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में पैदा हुई लड़की जैसे ही दसवीं पास होगी उसे 10 हजार रुपये एवं एक साइकिल पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी। साथ ही मुफ्त शिक्षा और 12वीं पास करने के बाद लड़की को 25 हजार रुपये की सहायता।
तीसरी थीम किसान पेंशन योजना पर आधारित थी। इसमें किसानों के लिए पेंशन की स्कीम एवं दुर्घटना पर एकमुश्त धनराशि की मदद मिलती है। उपाध्याय ने बताया कि पहला मौका नहीं है जब उत्तर प्रदेश की झांकी गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल नहीं हुई। पहले भी कई बार उत्तर प्रदेश द्वारा भेजी गई थीम को स्वीकृति नहीं मिली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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