भारतीय गणतंत्र के गौरवशाली 60 वर्षो की याद ताजा कराएगी परेड
नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्र मंगलवार को अपने गणतंत्र के 60 वर्ष पूरे होने का समारोह मनाने जा रहा है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में अपना देश एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत और शानदार सांस्कृतिक विविवधता को ऐतिहासिक राजपथ पर प्रदर्थित करने जा रहा है।
एक घंटा से अधिक समय तक चलने वाली गणतंत्र दिवस की यह परेड राष्ट्रपति भवन से शुरू होकर आठ किलोमीटर की दूरी तय कर पुरानी दिल्ली स्थित लाल किले में जाकर समाप्त होगी। इस रंगबिरंगी परेड में देश की पारंपरिक और आधुनिक सभी तरह की झाकियां प्रदर्शित होंगी और इसमें देश-विदेश के तमाम गणमान्य लोग शामिल होंगे। परेड के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, वाबजूद इसके हजारों की संख्या में उत्साही नागरिक भी इसे निहारने के लिए उपस्थित होंगे।
यह परेड उस दिन की याद ताजा कराती है, जब हमारे देश ने वर्षो के ब्रिटिश शासन के बाद अपना संविधान अपनाया था और सभी अधिकार जनता दिए थे।
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली म्यंग-बाक गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। वह रविवार को ही अपने चार दिवसीय भारत दौरे पर यहां पहुंच चुके हैं।
अत्याधुनिक नई प्रौद्योगिकी के उत्पादों और सैनिक साजो-सामान भी परेड में प्रदर्शित किए जाएंगे। टैंक, मिसाइल, हेलीकॉप्टर, पोत और विमान राजपथ से गुजरेंगे।
सशस्त्र बलों के कमांडर के रूप में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील राजपथ पर परेड की सलामी लेंगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इस अवसर पर उपस्थित होंगी।
सेना, नौसेना और वायु सेना की टुकड़ियां कंधे से कंधा और कदम से कदम मिला कर परेड में मार्च करते हुए दिखाई देंगी। इसके साथ ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का ऊंट बैंड परेड का एक विशेष आकर्षण होगा। भारत दुनिया का एक मात्र ऐसा देश है, जहां ऊंट बैंड की व्यवस्था है।
इस वर्ष परेड के प्रमुख आकर्षण होंगे सेना के अर्जुन टैंक। वायु सेना के विमानों और हेलीकाप्टरों द्वारा फ्लाईपास्ट का दृश्य भी लोगों को चकित करेगा।
चूंकि इस आयोजन का टेलीविजन पर सीधा प्रसारण होगा, लिहाजा देश भर में लोग इस अनूठे समारोह का लुत्फ उठा सकेंगे। लोग उन 21 बहादुर बच्चों का भी दर्शन कर सकेंगे, जिन्हें साहसिक कार्यो के लिए इस वर्ष राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
इस रंगबिरंगे समारोह की रखवाली के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। लगभग 15,000 सुरक्षा कर्मियों को परेड मार्ग पर तैनात किया जाएगा।
वायु सेना के हेलीकॉप्टर परेड के दौरान आसमान पर निगरानी रखेंगे। वहीं विमान भेदी बंदूकें, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के शार्पशूटर और दिल्ली पुलिस के कमांडो परेड पर कड़ी निगाह रखेंगे।
दिल्ली टैफिक पुलिस में विशेष आयुक्त अजय चड्ढा ने बताया, "समारोह स्थल के पास की ऊंची इमारतों पर निशानेबाजों को तैनात किया जाएगा और कुल 105 सीसीटीवी कैमरे राजपथ और लाल किले के बीच लोगों की आवाजाही पर नजर रखेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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