तारकेश्वर के लिए गांधीजी हैं 'भगवान'
पूर्वी चंपारण जिले के मुख्यालय मोतिहारी के रहने वाले बापू के अनन्य भक्त 54 वर्षीय तारकेश्वर प्रसाद के मकान में एक मंदिरनुमा कमरा है जिसमें गांधीजी की कांस्य प्रतिमा है। इस प्रतिमा की स्थापना भी विधिवत धार्मिक आयोजन के बाद की गई थी। इसी प्रतिमा की तारकेश्वर प्रतिदिन पूजा करते हैं और बापू पर आधारित भजन-कीर्तन होता है। यही कारण है कि क्षेत्र में तारकेश्वर की पहचान 'गांधीभक्त' के रूप में हो गई है।
तारकेश्वर ने आईएएनएस को बताया कि उनके पिता स्व़ अच्छेलाल चौधरी गांधीवादी थे।
उनका मानना है कि भगवान राम ने रावण के अत्याचार से और कृष्ण ने कंस के अत्याचार से लोगों को मुक्ति दिलाई थी। उस समय लाखों लोग मारे गए थे परंतु गांधीजी ने भारत को अंग्रेजों से अहिंसक रूप से मुक्ति दिलाई। इस तरह गांधीजी भी भगवान के अवतार हुए और उनकी पूजा करना गलत नहीं है।
वह प्रतिदिन गांधीजी की प्रतिमा पर जलाभिषेक कर चंदन लगाकर विधिवत पूजा करते हैं। इस दौरान आरती, हवन, सहित प्रात: भजन और संध्या वंदन करते हैं। पूजा के बाद प्रसाद वितरण भी किया जाता है।
उनके आवास में गांधीजी की प्रतिमा के अलावा जिले के अधिकांश स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें लगी हैं। इनको वह गांधीजी के भक्त कहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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