206 फुट की ऊंचाई पर फहराया जाएगा तिरंगा
नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। इस गणतंत्र दिवस पर तिरंगा सचमुच नई ऊंचाई तय करेगा। देश के सबसे विशाल तिरंगे को उड़ीसा के एक कस्बे में 206 फुट की ऊंचाई पर फहराया जाएगा। इस आयोजन को उद्योगपति नवीन जिंदल ने प्रायोजित किया है।
लगभग दिल्ली के कुतुब मीनार जितनी ऊंचाई 72 मीटर (235 फुट से अधिक) वाले मस्तूल पर 60,000 रुपये की लागत आई है।
यहां फहराया जाने वाला तिरंगा अपने आप में 72 फुट लंबा और 48 फुट चौड़ा है और विशेष तौर से पॉलिस्टर और नायलॉन के मिश्रण वाले कपड़े से बना है। यह आयोजन सांसद जिंदल की ओर से स्थापित गैरसरकारी संगठन, भारतीय झंडा प्रतिष्ठान (एफएफआई) की ओर से भुवनेश्वर से लगभग 120 किलोमीटर दूर अंगुल में आयोजित किया गया है।
एफएफआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कमांडर (सेवानिवृत्त) के.वी.सिंह ने आईएएनएस को बताया, "यह एक यादगार समारोह होगा। इतनी ऊंचाई पर अब तक किसी भी गणतंत्र दिवस पर तिरंगा नहीं फहराया गया है।"
दो वर्ष पहले एफएफआई ने 23 जनवरी को हरियाणा के कैथल में इतना ही विशाल झंडा फहरा कर इसी तरह का समारोह आयोजित किया था।
इसके पहले जिस सबसे ऊंचे स्थान से तिरंगा फहराया गया था, उसकी ऊंचाई 46 मीटर थी। इस स्थल का निर्माण चेन्नई के फोर्ट सेंट जार्ज में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा किया गया था।
सिंह ने कहा, "यह पहल राष्ट्र ध्वज के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए की गई है। मैं सोचता हूं कि देश में सबसे विशाल और सबसे ऊंचाई पर तिरंगा फहरते हुए देख कर लोगों में इसके प्रति उत्सुकता जगेगी और देश भक्ति की भावना पैदा होगी।" प्रतिष्ठान ने इस आयोजन को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया है।
सिंह ने कहा, "मेरा अनुभव यह है कि अधिक से अधिक लोगों ने राष्ट्रध्वज और उसे फहराने के बारे में सवाल और नियम पूछना शुरू कर दिया है। यद्यपि झंडोत्तोलन का कार्यक्रम राष्ट्रीय दिवसों पर ही आयोजित करने का प्रावधान है। लेकिन मैं इसे 365 दिन के लिए गौरव का विषय बनाना चाहता हूं।"
अंगुल में झंडोत्तलन की पूरी प्रक्रिया एक मशीनीकृत कार्यपद्धति के जरिए पूरी होगी। इसे पूरा होने में लगभग 13 मिनट लगेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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