जामिया चरणबद्ध ढंग से पिछड़ा वर्ग आरक्षण लागू करेगा
प्रशांत के.नंदा
नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। उच्च शिक्षण संस्थानों में केंद्र सरकार के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों को 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू करने के तीन वर्ष बाद जामिया मिलिया इस्लामिया इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी में है। अतिरिक्त छात्रों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का प्रबंध किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति नजीब जंग ने आईएएनएस से कहा, "यह गलत धारणा है कि ओबीसी आरक्षण पर सरकार और विश्वविद्यालय के बीच मतभेद हैं। कोई मतभेद नहीं हैं।"
आईएएस अधिकारी से शिक्षाविद् बने जंग ने कहा कि ओबीसी आरक्षण लागू करने के बाद छात्रों की संख्या में 54 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इसके लिए काफी अधिक आधारभूत सुविधाओं की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "हमारे पास 18,000-19,000 छात्र हैं। मुद्दा यह है कि यदि हमने अचानक छात्रों की संख्या बढ़ा दी तो .. तब यह भौतिक रूप से संभव नहीं होगा।"
जंग ने बताया कि इन सबको देखते हुए उन्होंने सरकार से अतिरिक्त छात्रों को समायोजित करने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कुछ समय मांगा है। यह नहीं भूलना चाहिए मौजूदा सुविधाएं अतिरिक्त छात्रों का बोझ उठाने के लायक नहीं हैं।
जंग ने कहा कि जिन लोगों को वास्तव में कुछ नहीं पता उनको लगता है कि जामिया ने आरक्षण लागू करने से मना कर दिया है।
मुस्लिम संगठनों ने प्रदर्शन करके अल्पसंख्यक संस्थान होने के नाते जामिया को आरक्षण से मुक्त रखने की मांग की है, क्योंकि ओबीसी छात्रों को प्रवेश देने से मुस्लिम छात्रों के प्रवेश की संभावना काफी कम होगी।
जंग ने जोर देकर कहा, "यहां कानून का शासन है। हम एक केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं और इसलिए हमें कानून को लागू करना चाहिए।"
जंग ने कहा कि वह संसाधनों में वृद्धि के लिए सरकार के समक्ष एक योजना पेश करेंगे। बहरहाल उन्होंने आरक्षण लागू करने के बारे में कोई समय सीमा नहीं बताई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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