भारत, चीन कोपेनहेगन समझौते पर तैयार

India-China flags
नई दिल्ली। पर्यावरण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के बाद चीन और भारत का कोपेनहेगन समझौते पर हस्ताक्षर करना करीब-करीब निश्चित है। चारों देशों के पर्यावरण मंत्री नई रणनीति बनाने के लिए रविवार को यहां एक बैठक करेंगे।

कोपेनहेगन गए दल में शामिल एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा, "सौदेबाजी में शामिल पांच देशों में शामिल होने के नाते हम इस पर हस्ताक्षर करने को टाल नहीं सकते।" उन्होंने कहा कि जब तक समझौता कानूनी तौर पर बाध्यकारी नहीं होता और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए केवल एक राजनीतिक इच्छापत्र होगा तब तक इस पर हस्ताक्षर करने से कोई नुकसान नहीं है।

ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका का भी यही रुख

पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयराम रमेश ने इस महीने कहा था कि बेसिक (ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका,भारत, चीन) देशों का वैश्विक जलवायु सौदेबाजी पर एक रुख होगा। रविवार की बैठक में चारों देशों द्वारा जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अन्य विकासशील देशों की मदद के लिए एक कोष के गठन की घोषणा करने का अनुमान है।

संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रिया के बाहर अमेरिका के साथ जलवायु परिवर्तन समझौते पर सौदेबाजी करने के कारण दक्षिण अफ्रीका और लतीनी अमेरिका के कुछ देश बेसिक समूह से नाराज हैं। क्यूबा ने पहले ही कह दिया है कि वह जलवायु परिवर्तन समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा। कोपेनहेगन में बोलीविया, कोलंबिया और सूडान ने भी समझौते का विरोध किया। बोलीविया इस वर्ष एक अलग जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन का आयोजन करने वाला है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+