जनेश्वर मिश्र का निधन, शोक में डूबी सपा

इटावा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा, "यह समाजवादियों के लिए बहुत बड़ी क्षति है। हम सभी बहुत दुखी हैं। उनके निधन से एक युग का अंत हो गया है। वह पूरे समाज की जरूरत थे।"
वरिष्ठ सपा नेता मोहन सिंह ने कहा, "मिश्र ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने सिखाया कि राजनीति के माध्यम से समाजसेवा कैसे होती है। उन्होंने राजनीति से निजी फायदा नहीं उठाया और अपने आगे-पीछे संपत्ति नहीं बटोरी। उनके निधन से समाजवादी आंदोलन को जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती।"
ऐसे नेता की भरपाई नहीं हो सकती
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "ऐसे समाजवादी नेता की कभी भरपाई नहीं हो सकती है। वह युवाओं से कहते थे कि खाली मत बैठिए, संघर्ष करिए। वह हमेशा युवाओं को प्रेरित करते थे।"
मिश्र के साथ सपा के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे आजम खान ने कहा कि मिश्र का निधन समाजवादी विचारधारा के लिए एक बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। उनसे हर समाज के हर तबके के लोग जुड़े थे। खान ने कहा, "मिश्र ने सामंतवाद से कभी समझ्झौता नहीं किया। उनके निधन के बाद देश में आज उनके कद का कोई समाजवादी नेता नहीं रहा।"
सपा महासचिव अशोक वाजपेयी ने कहा कि मिश्र में किसी भी सत्ता से टकराने का अदम्य साहस था। उन्होंने कहा कि 76 साल की उम्र में भी मिश्र में एक 22 साल के युवा जैसा जोश था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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