रमेश बीटी बैंगन पर पवार के रुख से असहमत
सरकार की जेनेटिक इंजीनियरिंग एप्रूवल कमेटी (जीईएसी) ने पिछले वर्ष अक्टूबर में बीटी बैंगन की खेती की स्वीकृति दी थी और इसके बाद अंतिम मंजूरी पर्यावरण मंत्रालय को देना है। रमेश इस समय पूरे देश में इस मुद्दे पर जन सुनवाई कर रहे हैं।
पवार ने बुधवार को कहा कि जीईएसी की मंजूरी अंतिम है और केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर और कुछ नहीं कहना है।
इसके बाद रमेश ने पवार को गुरुवार को लिखा, "यदि अखबारों में आपके हवाले से जो कहा गया है वह सही है तो मैं आपसे पूरी तरह असहमत हूं।"
रमेश ने कहा कि जीईएसी एक संवैधानिक संस्था हो सकती है लेकिन जहां लोगों की सुरक्षा का मुद्दा शामिल होता है वहां सरकार को पूरा अधिकार है। वास्तव में जीईएसी की सिफारिशों के आधार पर अंतिम फैसला करना सरकार की मूल जिम्मेदारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications