आर्थिक स्वतंत्रता सूची में भारत का 124वां स्थान
वाशिंगटन, 21 जनवरी (आईएएनएस)। हेरिटेज फाउंडेशन और वाल स्ट्रीट जर्नल की 16 वीं वार्षिक आर्थिक स्वतंत्रता सूची में भारत का 124 वां स्थान है। भारत का आर्थिक स्वतंत्रता स्कोर 53.8 रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.6 प्रतिशत कम है।
एशिया प्रशांत के 44 देशों में भारत का स्थान 24वां है और 100 अंकों के पैमाने पर दुनिया के औसत स्कोर 59.4 से उसका स्कोर कम है।
वर्ष 2009 में दुनिया में आर्थिक स्वतंत्रता कम हुई है और बुधवार को जारी सूचकांक के अनुसार हांगकांग और सिंगापुर लगातार 16वें वर्ष वरीयता क्रम में पहले और दूसरे स्थान पर हैं। आस्ट्रेलिया तीसरे और न्यूजीलैंड चौथे स्थान पर है। शीर्ष के स्थानों पर एशिया-प्रशांत के देशों का कब्जा है।
यह केवल दूसरा मौका है जब सूचकांक लगातार दूसरे वर्ष गिरा है। सूचकांक के अनुसार इसका एक कारण मंदी से निपटने के लिए कई देशों की सरकारों द्वारा किया गया व्यय है।
रिपोर्ट के अनुसार बाजारपरक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते हुए भारत ने पिछले पांच वर्षो में करीब नौ प्रतिशत की विकास दर हासिल की थी।
रिपोर्ट में कहा गया कि गैर-प्रशुल्क बाधाओं को हटाने में सुस्त प्रगति के बावजूद व्यापार तंत्र धीरे-धीरे खुल रहा है लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के 200 उद्यमों के कारण सरकार अब भी एक बड़ी खिलाड़ी की भूमिका में है।
रिपोर्ट में कहा गया कि भारत का सार्वजनिक कर्ज जीडीपी का 80 प्रतिशत है। व्यापक भ्रष्टाचार और अक्षम न्यायपालिका, कम श्रमिक स्वतंत्रता और कड़े नियमों के कारण भारत के पास वैश्विक मंदी से निपटने के लिए बहुत कम वित्तीय छूट लेना संभव है।
शीर्ष 10 में यूरोप के तीन देश आयरलैंड, डेनमार्क और स्विट्जरलैंड स्थान बनाने में सफल रहे। अर्थव्यवस्था में सरकारी हस्तक्षेप के उपायों को बढ़ाने के कारण ब्रिटेन को इतिहास में पहली बार शीर्ष 10 की सूची में बाहर होना पड़ा।
अमेरिका की फिसलकर आठवें स्थान पर पहुंच गया। दोनों देशों के स्कोर में दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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