एचपीसीएल का यूरो-4 पेट्रोल उत्पादन संयंत्र राष्ट्र को समर्पित
इस अवसर पर अपने भाषण में पर्यावरण राज्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण से जुड़े मुद्दे पर हमें सख्त होना पड़ेगा। रमेश ने बताया कि देश में पर्यावरण की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया है। इस मूल्यांकन के दौरान 88 औद्योगिक क्षेत्र अत्यधिक प्रदूषित पाए गए। इन 88 औद्योगिक क्षेत्रों में से तारापुर और चेम्बर सहित आठ औद्योगिक क्षेत्र महाराष्ट्र में हैं। पर्यावरण मंत्रालय इन 88 औद्योगिक क्षेत्रों में किसी उद्योग के लिए तब तक मंजूरी नहीं देगा जब तक कि इन क्षेत्रों में पर्यावरण को सुधारने के लिए कार्ययोजना तैयार करके उसे लागू न किया जाए।
पर्यावरण की रक्षा के लिए कड़े और सख्त उपाय किए जा रहे हैं। रमेश ने बताया कि पर्यावरण और जन स्वास्थ्य एक दूसरे पर निर्भर हैं। भटिंडा जैसे स्थान में जहां अत्यधिक प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्र हैं, वहां कैंसर रोगियों की संख्या काफी अधिक है। एक खास स्तर से अधिक पर्यावरण प्रदूषण होने पर उस क्षेत्र के निवासियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उत्पन्न होता है। उन्होंने बताया कि हालांकि भारत में आज परिवहन सुविधाओं से होने वाला उत्सर्जन ग्रीन हाउस गैसों का सात से आठ प्रतिशत है किन्तु परिवहन क्षेत्र में तीव्र वृद्घि को ध्यान में रखते हुए किफायती दरों पर स्वच्छ इर्ंधन उपलब्ध कराने की शीघ्र आवश्यकता है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुरली देवड़ा ने कहा कि अप्रैल 2010 तक यूरो-4 पेट्रोल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद आदि सहित 13 महानगरों में उपलब्ध कराया जाएगा। जबकि यूरो-3 पेट्रोल अक्तू बर 2010 तक देश के शेष हिस्से में उपलब्ध कराया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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