चण्डीगढ़ में कोहरे में विमान उतारने वाला लैंडिंग सिस्टम खराब
अल्केश शर्मा
चण्डीगढ़, 18 जनवरी (आईएएनएस)। खराब मौसम में हवाई पट्टी पर विमान उतारने के लिए पायलटों का मार्गदर्शन करने वाला चण्डीगढ़ हवाई अड्डे का इंस्ट्रुमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) खराब पड़ा है और विमान चालकों को इन कोहरेभरे सर्दी के दिनों में विमान उतारने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि चण्डीगढ़ हवाई अड्डा जल्दी ही अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने जा रहा है। इसे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे में तब्दील करने के लिए निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह निर्माण कार्य पिछले वर्ष अक्टूबर में पूरा हो जाना था लेकिन अब हवाई अड्डा अधिकारियों का कहना है कि जून 2010 तक ही काम पूरा हो सकेगा। अमृतसर के राजा सांसी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद यह इस क्षेत्र का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा।
चण्डीगढ़ हवाई अड्डे के प्राथमिक रूप से एक सैन्य हवाई अड्डा होने के नाते यहां पर परिचालन व लैंडिंग सहित सारी यातायात नियंत्रण सुविधाएं और अन्य सुरक्षा इंतजाम भारतीय वायु सेना द्वारा किए जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आईएलएस का खराब होना चण्डीगढ़ हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की मान्यता मिलने की दिशा में रुकावट है।
यद्यपि रक्षा प्रवक्ता प्रदीप दास गुप्ता ने आईएएनएस से कहा, "इस हवाई अड्डे से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के शुरू होने में हो रही देरी की वजह निष्क्रिय आईएलएस प्रणाली नहीं है। एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की मान्यता मिलने के लिए पहले कई अन्य आवश्यकताओं और मानकों का पूरा होना जरूरी है।"
वर्तमान आईएलएस प्रणाली के निष्क्रिय होने के बाद हवाई अड्डा अधिकारी नई प्रणाली का इंतजार कर रहे हैं। जबकि इसके खराब होने के कारण हवाई अड्डे पर एक जनवरी से 14 जनवरी तक यातायात प्रभावित रहा।
एयर इंडिया और किंगफिशर ने शनिवार से अपनी विमान सेवाएं दोबारा शुरू कर दी थीं जबकि जेट एयरवेज ने 18 जनवरी तक अपनी सेवाएं बहाल नहीं की हैं।
अधिकारी इस संबंध में कुछ नहीं बता सके कि यह प्रणाली कब तक काम करने लगेगी। गुप्ता कहते हैं, "एक नई आईएलएस प्रणाली लगाई जाएगी लेकिन मैं इसे लगाने का सही समय नहीं बता सकता हूं। हम इस दिशा में काम कर रहे हैं और जल्द से जल्द इसे लगाने की कोशिश करेंगे।"
चण्डीगढ़ हवाई अड्डे के निदेशक सुनील दत्त ने आईएएनएस से कहा, "कोहरे और खराब मौसम में निर्बाध संचालन के लिए आईएलएस प्रणाली बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन पिछले छह महीने से हमारे हवाई अड्डे पर यह निष्क्रिय है।"
उन्होंने कहा कि आईएलएस उपकरण भारतीय वायु सेना ने लगाया था इसलिए नियमों के मुताबिक उसे ठीक करने की जिम्मेदीरी भी उसी की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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