परिजनों का हाल जानने के लिए परेशान है हैती का छात्र
नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। हैती से दिल्ली आकर पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे जेरोम फारस पिछले कुछ दिनों से न सो सके हैं और न ही उनका मन पढ़ाई में लग रहा। इसकी वजह यह है कि भूकंप से तबाह हुए हैती में अपने परिजनों का हाल जानने में वह अब तक नाकाम रहे हैं।
फारस भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के छात्र हैं। उनके परिवार में माता-पिता, चार भाई और एक बहन है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "मैं पिछले दो दिनों से अपने परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है।"
हैती की राजधानी पोर्ट-ओ- प्रिंस के रहने वाले 30 वर्षीय फारस ने कहा, "मैं विगत दो दिनों से नहीं सो सका। यह बहुत कठिन है। अपने परिवार को हाल जानना चाहता हूं। मैं नहीं जानता कि वे कहां और कैसे हैं।"
पोर्ट-ओ-प्रिंस में तबाही सबसे ज्यादा हुई है। इसी वजह से फारस और भी परेशान हैं। उन्होंने कहा, "लगता है कि मुझे दुखद खबर मिलेगी। मैं दुखी हूं और नहीं जानता कि खुद को कैसे संभालूंगा।"
फारस ने कहा कि उन्होंने अमेरिका में रहने वाले अपने कुछ दोस्तों से परिवार की खरियत जानने के लिए संपर्क किया लेकिन उन लोगों को भी कुछ नहीं पता।
उन्होंने कहा, "मेरे बड़े भाई शिक्षक हैं लेकिन उन्होंने अब तक मेरी किसी ई-मेल का जवाब नहीं दिया। मैं किसी भी तरह अपने परिवार से संपर्क करना चाहता हूं।"
फारस ने कहा कि परिजनों के बारे में कुछ खबर सुनने के बाद ही वह स्वदेश जाने का फैसला करेंगे। उनका कहना है कि फिलहाल उनका मन अपनी पढ़ाई में भी नहीं लग रहा है।
गौरतलब है कि हैती में मंगलवार को रिक्टर पैमाने पर सात की तीव्रता वाले भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि भूकंप में 100,000 से अधिक लोगों के मारे गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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