राणा ने हेडली के लिए ढाल की भूमिका निभाई थी
शिकागो, 15 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तानी मूल के कनाडाई आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा ने सह-अभियुक्त डेविड कोलमैन हेडली के लिए ढाल की भूमिका निभाई थी।
राणा ने हेडली के मिशन को सफल बनाने के लिए अपनी आव्रजन सेवा का एक कार्यालय मुंबई में खोला था ताकि इसकी आड़ में हेडली आतंकी हमलों के लिए भावी ठिकानों को चिन्हित कर सके। इसका नतीजा 26 नवंबर, 2008 के मंबई हमलों के रूप में निकला।
इस पूरे षडयंत्र की सीलबंद जांच रिपोर्ट गुरुवार को यहां खोली गयी। इसमें राणा को खूनी वारदात के साजिशकर्ता के तौर पर शामिल किया गया है। उस पर हेडली को उसके आतंकी मिशन में मदद देने का आरोप है।
हेडली को मुंबई हमलों की साजिश में शामिल होने के लिए सात दिसंबर को ही आरोपित किया जा चुका है। राणा ने हेडली को भारत जाने के लिए वीजा हासिल करने की भी सलाह दी थी। उसने हेडली को वीजा हासिल करने का तरीका बताया था।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक लश्करे तैयबा से जुड़े दो आतंकवादियों ने हेडली को 2005 में सलाह दी थी कि वह मुंबई जाकर उन ठिकानों को चिन्हित करे जिन पर लश्कर हमला करेगा।
हेडली ने भारतीय अधिकारियों के शक के दायरे से बाहर रहने के लिए 15 फरवरी, 2006 को अपना नाम दाऊद गिलानी से बदलकर डेविड कोलमैन हेडली कर लिया। राणा तब शिकागो में फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विर्सेज नामक कंपनी चलाता था। राणा ने इस कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति को हेडली के लिए इस कंपनी के नाम से दस्तावेज तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि वह मुंबई में इस कंपनी का प्रतिनिधि समझा जाए।
लश्कर से जुड़े उपरोक्त दो अज्ञात आतंकवादियों में से एक ने हेडली को मुंबई में इस कंपनी का कार्यालय खोलने एवं इस संचालित करने के लिए करीब 25,000 डालर की रकम दी। इसी की आड़ में हेडली ने अपना मिशन पूरा किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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