गोरखालैंड आंदोलन से चाय उद्योग प्रभावित
दार्जिलिंग गोरखा होटल ऑनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह अरोड़ा ने आईएएनएस से कहा कि वैसे पर्यटक अभी भी यहां पहुंच रहे हैं लेकिन गोरखालैंड की मांग को लेकर हुए आंदोलन से वे अनिश्चिय की स्थिति में हैं।
अरोड़ा ने कहा कि पृथक राज्य की मांग को लेकर आयोजित बंद के बाद कई पर्यटक यहां से चले गए।
उल्लेखनीय है कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) पृथक गोरखालैंड की मांग कर रहा है। यह संगठन गत दो वर्षो से अपनी मांग को लेकर क्षेत्र में बंद आयोजित कर रहा है।
ट्रेवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अमिन पंजाबी ने कहा कि गत दो वर्षो में यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
जीजेएम के आंदोलन का बुरा असर चाय उद्योग पर भी पड़ा है। टी बोर्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बासुदेव बनर्जी का कहना है कि बंद की वजह से चाय उद्योग प्रभावित हुआ है।
बनर्जी ने कहा, "पिछले साल ब्रिटेन और जर्मनी से लोग चाय बगान देखने आए थे लेकिन बंद की वजह से वे बगानों तक नहीं पहुंच सके।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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