आयकर रिटर्न और चिकित्सा रिकॉर्ड आरटीआई के दायरे से बाहर : अदालत
नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा है कि यदि सार्वजनिक हित न जुड़ा हो तो आयकर रिटर्न और चिकित्सा रिकॉर्ड सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे में नहीं आते। अदालत ने अपने ऐतिहासिक फैसले में देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के पद को भी इस पारदर्शी कानून के दायरे में ला खड़ा किया है।
एक अमेरिकी लेखक की लिखी पंक्तियों का उद्धरण देते हुए, जिसमें उसने लिखा था कि किसी व्यक्ति की सूचना हासिल करने की आजादी दूसरे व्यक्ति की निजता पर हमला होता है, मुख्य न्यायाधीश अजित प्रकाश शाह, न्यायमूर्ति एस.मुरलीधर और न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन की खण्डपीठ ने कहा, "आयकर रिटर्न व चिकित्सा रिकॉर्ड जैसी निजी सूचनाओं का कानून की धारा 8(1)(जे) के तहत खुलासा नहीं किया जा सकता।"
खण्डपीठ ने कहा, "लेकिन यदि याची खुलासे में पर्याप्त सार्वजनिक हित दिखा सकता है तो ऐसी स्थिति में सूचना से संबंधित व्यक्ति को अधिसूचित कर और उसके तर्को पर विचार करने के बाद ऐसी निजी सूचनाओं का भी खुलासा किया जा सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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