सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले की जांच सीबीआई के हवाले
न्यायमूर्ति तरुण चटर्जी और न्यायमूर्ति आफताब आलम की खंडपीठ ने सोहराबुद्दीन के भाई रूबाबुद्दीन शेख की ओर से इस संबंध में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
गुजरात पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। जांच से नाखुश होकर रूबाबुद्दीन ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। गुजरात सरकार अब तक दावा करती रही है कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच करवा रही है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 के नवम्बर महीने में सोहराबुद्दीन को गुजरात पुलिस ने एक कथित मुठभेड़ में मार गिराया गया था। इसके बाद उसकी पत्नी कौसर बी गायब हो गई थी। बाद में सबूतों को मिटाने के लिए कौसर बी और उसके सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की भी कथित तौर पर पुलिस ने हत्या कर दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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