इजरायल की ईरान पर प्रतिबंध की मांग
नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। ईरान में महमूद अहमदीनेजाद की सत्ता को नाभिकीय शक्ति संपन्न होने से रोकने के लिए इजरायल ने मंगलवार को ईरान पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
इजरायल के वाणिज्य एवं संचार मंत्री बेंजामिन बेन-एलीएजर ने यहां कहा कि नाभिकीय शक्ति संपन्न ईरान मध्य एशिया में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को तेहरान पर छह महीने के लिए त्वरित प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे ईरान पर नाभिकीय कार्यक्रम बंद करने के लिए दबाव बनाकर वांछित परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
कृषि मंत्री शरद पवार और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा से मुलाकात के बाद बेल एलीएजर ने यहां पत्रकारों से कहा कि ईरान ने इस क्षेत्र में उग्रवादी समूहों को वित्तीय सहायता दी है। ये समूह न केवल इजरायल के लिए खतरा हैं बल्कि वे कई अन्य अरब राष्ट्रों को भी अस्थिर करने का प्रयास करते रहे हैं।
उन्होंने इस बात से इंकार किया कि उनकी सरकार ईरान और सीरिया को निशाना बना रही है।
इजरायली मंत्री ने कहा, "हमारा इन देशों को निशाना बनाने का कोई इरादा नहीं है।" उन्होंने कहा कि इजरायल सीरिया की सरकार के साथ गोलन हाइट्स के विवाद को सुलझाना चाहता है।
इजरायली-फिलीस्तीनी संघर्ष पर बेन एलीएजर का कहना है कि अगले दो वर्षो में इस मसले का हल निकलने की उम्मीद है।
उन्होंने भारत से मध्य पूर्व में संघर्ष को निपटाने में सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है और दोनों ओर से उसके संबंध अच्छे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के बीच आर्थिक और वाणिज्य खासकर कृषि व सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संबंध अच्छे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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