आर्कटिक महासागर में अपशिष्ट कार्बन जमा होने का खतरा
इस समुद्र में मिलने वाली नदियों में भारी मात्रा में कार्बनिक अपशिष्ट जमा होने से कार्बन डायऑक्साइड के उत्सर्जन का खतरा पैदा होगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे में जलवायु परिवर्तन की समस्या और जटिल हो जाएगी। गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय में इस विषय पर अपना शोध पत्र जमा करने वाली सोफिया जालमर्सन ने कहा, "आर्कटिक ध्रुवीय इलाके में बर्फ के नीच कार्बन का विशाल भंडार दबा हुआ है। अगर यह अपशिष्ट समुद्र में घुलता है तो जलवायु में कार्बन डायऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाएगी, जिससे पर्यावरण की सेहत और खराब हो सकती है।"
कई रूसी नदियां आर्कटिक सागर में मिलती हैं। इनमें दुनिया की सबसे लंबी नदियों में से एक लेना नदी भी शामिल है। अपने शोध के तहत उन्होंने दो भिन्न भौगोलिक इलाकों में कार्बन प्रणाली पर शोध किया है। इनमें एक इलाका बाल्टिक सागर-कट्टेगाट-स्कागेराक है और दूसरा इलाका साइबेरिया के उत्तर का तटीय क्षेत्र है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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