सर्दी के कहर के बीच गया में पिंड दान कर रहे हैं श्रद्धालु
गया को मोक्षदा नगरी कहा जाता है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि यहां पिंड दान करने से दिवंगत आत्मा को मुक्ति मिलती है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी माधव कुमार ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "शीतलहर के कारण गया के लोग बाहर निकलने से भले ही परहेज कर रहे हैं, पर पिंड दान के लिए यहां श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। पूरे भारत और पड़ोसी देश नेपाल से लोग यहां पिंड दान करने के लिए आते हैं।"
पिछले 12 दिनों से बिहार सर्द मौसम से बेहाल है। सोमवार को गया का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मंगलवार को 5.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया। अधिकारी ने बताया कि हर रोज दर्जनों बसें श्रद्धालुओं को लेकर गया आती हैं। गया के पुजारी गयावाल पांडा कहते हैं, "पिंड दान श्रद्धा का मामला है। लोग इसे धार्मिक और भावनात्मक मामला मानते हैं। ऐसे में ठंड आड़े नहीं आ सकती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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