पवार ने मछुआरों के हितों की रक्षा का वादा किया
नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि सरकार समुद्री मत्स्य नियमन एवं प्रबंधन विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले मछुआरा समुदाय के साथ सलाह मशविरा करेगी। इस विधेयक का उद्देश्य देश के समुद्री मत्स्य संसाधन का बेहतर प्रबंधन एवं नियमन करना है।
पवार ने नेशनल फिशरवर्कर्स फोरम(एनएफएफ) के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि सरकार हर सूरत में मछुआरों के हितों की रक्षा करेगी। संगठन के प्रवक्ता एम.जे. विजयन ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "पवार ने हमें आश्वासन दिया है कि सरकार ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाएगी, जिससे मछुआरों के हितों को नुकसान पहुंचे।"
उन्होंने कहा कि पवार ने उनका पक्ष गंभीरता से सुनने के बाद कहा कि सरकार इस मुद्दे पर आम सहमति से फैसला लेगी। उन्होंने कहा, "हमने मंत्री को स्पष्ट बताया है कि अगर विधेयक को मौजूदा रूप में पेश किया गया तो इससे न सिर्फ 10 लाख से अधिक मछुआरों की आजीविका प्रभावित होगी, बल्कि पूरे समुद्री संसाधन पर इसका बुरा असर पड़ेगा।" इस प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के कार्यवाहक चेयरमैन मतान्ही सल्दान्हा के नेतृत्व में पवार से मुलाकात की। इसमें विजयन भी शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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