पृथ्वी, चंद्रमा और मंगल को एकल आर्थिक इकाई के रूप में देखें : कलाम
उन्होंने अपना उद्बोधन इस सुझाव के साथ शुरू किया कि भारतीय वैज्ञानिकों को 2010 को सामाजिक-आर्थिक विकास वर्ष बनाने के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने 2010 से 2050 तक भारतीय विज्ञान के परिवर्तन के बारे में अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया और कहा कि 2050 का दृष्टिकोण गतिशील विकास हो।
उन्होंने कहा कि मूल्यों और संवेदनशीलता से ओतप्रोत वैश्विक ज्ञान समाज इस दृष्टिकोण का मेरूदंड होना चाहिए। उचित जल प्रबंधन, जैविक खेती के साथ संपोषणीय कृषि विकास, ऊर्जा उपयोग, जीवन प्रत्याशा बढ़ाने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं, ग्रीन हाउस गैस बजट में संतुलन आदि इस दृष्टिकोण के कुछ प्रमुख तत्व हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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