हॉलीवुड के रक्तपिपासु खलनायकों की तरह हैं ब्रह्मांड के कुछ सितारे
नए शोध के मुताबिक कई तारों का अस्तित्व दूसरे तारों द्वारा उत्सर्जित हाइड्रोजन गैस पर निर्भर करता है, जबकि कुछ का अस्तित्च खगोलीय टकरावों पर निर्भर करता है। हबल दूरबीन द्वारा अंतरिक्ष से भेजी गईं तस्वीरों के अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों ने यह निष्कर्ष निकाला है।
हजारों सितारों के समूह मेसियर 30 में कुछ ऐसे सदाबहार तारे हैं जो 13 अरब वर्ष से अपना अस्तित्व दूसरे तारों की हाइड्रोजन गैस सोखकर बचाए हुए हैं। ये तारे दूसरे तारों से कहीं ज्यादा रोशन और तरोताजा दिखते हैं। इन तारों को विज्ञान की भाषा में ब्लू स्ट्रैगलर कहा जाता है।
हैमिल्टन स्थित मैकमास्टर विश्वविद्यालय में भौतिकी एवं अंतरिक्ष विज्ञान विभाग के एलिसन सिल्स कहते हैं, "इन तारों का स्वभाव रक्तपिपासुओं की तरह दूसरे तारों का शोषण कर अपना अस्तित्व बचाए रखना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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