बिहार में प्रत्येक 5 किलोमीटर पर होगा उच्च विद्यालय
पटना, 6 जनवरी (आईएएनएस)। पिछले वर्ष सरकार की प्राथमिकता प्रारंभिक शिक्षा के स्तर को ठीक करने की थी लेकिन सरकार ने इस वर्ष 12वीं पर ध्यान देने की योजना बनायी है और ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक सेकंडरी एजुकेशन पहुंचाने के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
मानव संसाधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान समय में राज्य में प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों का अनुपात मात्र 80 की तुलना में तीन है। इस स्थिति में मध्य विद्यालय से पास करने वाले सभी छात्रों को उच्च विद्यालय की शिक्षा देना मुमकिन नहीं है।
बिहार में करीब 8500 ग्राम पंचायतें और 534 प्रखंड हैं परंतु उच्च विद्यालयों की संख्या मात्र 3000 है। सरकार का मानना है कि बिहार में अब भी 5500 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहां उच्च विद्यालय नहीं हैं।
राज्य मानव संसाधन विकास विभाग के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह बताते हैं कि ऐसे में सरकार ने प्रत्येक पांच किलोमीटर पर एक उच्च विद्यालय बनाने की योजना बनाई है। वह बताते हैं कि राज्य में उच्च विद्यालयों की संख्या कम से कम 12000 तक की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिन मध्य विद्यालयों के पास डेढ़ एकड़ जमीन है उन्हें अपग्रेड किया जाएगा। वह मानते हैं कि आज बिहार के कई क्षेत्रों में 10 किलोमीटर तक का सफर तय करने के बाद उच्च विद्यालय की शिक्षा ग्रहण करना पड़ रही है। वह कहते हैं कि लड़कियों द्वारा शिक्षा छोड़ देने का यह एक बहुत बड़ा कारण है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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