मेरे पास साहस की कोई कमी नहीं है : करंदलगे
नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक की पूर्व मंत्री शोभा करंदलगे ने कहा कि उनके पास साहस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के दो गुटों के बीच हाल में हुई राजनीतिक लड़ाई से उनका राजनीतिक भविष्य जरा भी प्रभावित नहीं हुआ है। करंदलगे को पार्टी की इस अंदरूनी लड़ाई के कारण मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
करंदलगे ने आईएएनएस के साथ एक विशेष साक्षात्कार में मंगलवार को कहा, "मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कार्यकर्ता हूं, इसलिए मेरे पास साहस और प्रतिबद्धता की कोई कमी नहीं है।"
ज्ञात हो कि करंदलगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा की करीबी मानी जाती हैं। करंदलगे ने कहा, "मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद मुझे लगा था कि संभवत: मुझे पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से ज्यादा महत्व नहीं मिलेगा, क्योंकि मेरे पास अब मंत्री पद नहीं है लेकिन लोगों से जो आदर-सम्मान मिला है, मैं उससे चकित हूं। वास्तव में मेरे कार्यकर्ता अब अपेक्षाकृत अधिक खुश हैं क्योंकि मैं अपने क्षेत्र के लिए ज्यादा समय दे सकती हूं और उनसे बार-बार मुलाकात कर सकती हूं।"
करंदलगे ने कहा, "मुझे इस बात से संतोष है कि वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने भी ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में डेढ़ साल के दौरान मेरे द्वारा किए गए कार्यो की सराहना की है।"
भाजपा नेता ने कहा, "मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद मैं अपेक्षाकृत अधिक प्रसन्न और संतुष्ट हूं। मैं कार्यकर्ताओं से मिलने तथा गरीबों व दबे-कुचलों के लिए काम करने हेतु पूरे राज्य का दौरा कर रही हूं।"
करंदलगे ने मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से लगभग डेढ़ घंटे तक मुलाकात की और उन्हें उन परिस्थितियों की जानकारी दी, जिनके कारण मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा को नवंबर 2009 में असंतुष्टों को खुश करने के लिए मजबूरन करंदलगे से इस्तीफा लेना पड़ा था।
सूत्रों के अनुसार करंदलगे ने संभवत: गडकरी से कहा है कि वह पार्टी में कोई पद नहीं चाहतीं। वह पिछले वर्ष राज्य में आई बाढ़ के कारण तबाह हुए इलाकों में काम करने में जुटी हुई हैं।
उन्होंने कहा, "पिछले वर्ष आई बाढ़ में बहुत सारे लोगों ने अपना सबकुछ गंवा दिया है। ऐसे में उन लोगों को पुनर्वास की जरूरत है। मैं बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हूं। उन लोगों की पहचान कर रही हूं, जिन्हें मुआवजे नहीं मिल पाए हैं। मैं उनकी मदद के लिए प्रयास कर रही हूं।"
करंदलगे ने कहा, "मैंने शिमोगा जिले के नक्सल प्रभावित इलाके का भी दौरा किया है। वहां मैं तीन दिनों तक रुकी रही। वहां ग्रामीणों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति दयनीय है। मैंने उन ग्रामीणों के बारे में मुख्यमंत्री को एक रिपोर्ट सौंपी है। मुख्यमंत्री ने उनके लिए कुछ कदम भी उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को इलाके का दौरा करने और स्थिति का जायजा लेने के लिए तत्काल निर्देश दिया है।"
करंदलगे ने कहा, "सरकार में एक मंत्री के रूप में जो कुछ किया जा सकता था मैंने उसे किया है। लेकिन यह कोई मायने नहीं रखता कि मैं अब मंत्री हूं या नहीं हूं। इससे मेरा कार्य प्रभावित नहीं होता। मैं राज्य का दौरा जारी रखूंगी, जनता से और भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलती रहूंगी।"
पूर्व मंत्री ने कहा, "मैं विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री को सूचित कर रही हूं। मैं जहां भी जाती हूं और वहां यदि कोई समस्या देखती हूं तो उसके बारे में मुख्यमंत्री को सूचित करती हूं। मुख्यमंत्री उन समस्याओं के समाधान के लिए कदम भी उठा रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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