रुचिका के भाई ने नया मामला दर्ज कराया, मुश्किल में राठौड़ (राउंडअप)

इस बीच नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम रुचिका मामले में हुई अब तक की कार्रवाई से नाखुशी जताई है।

अपनी बहन रुचिका गिरहोत्रा के आत्महत्या करने के बाद राठौड़ के भय से करीब 16 वर्ष तक पुलिस की नजरों से बचते रहे आशु ने गुरुवार को राठौड़ के खिलाफ पंचकुला पुलिस के समक्ष एक शिकायत दर्ज की और मांग की कि हरियाणा में कार्यरत पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) के.पी.सिंह के खिलाफ भी एक मामला दर्ज किया जाए। राठौड़ केआदेश पर आशु के खिलाफ जब कार चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया था तब के. पी. सिंह अंबाला जिला पुलिस प्रमुख थे।

आशु ने कहा कि राठौड़ के आदेश पर पुलिस ने उसे न केवल प्रताड़ित किया बल्कि उसे थर्ड डिग्री की यातना भी दी। आशु ने कहा कि जब उसे यातना दी जाती थी तब राठौड़ आता था और उसे देखा करता था।

आशु से पत्रकारों ने जब पूछा कि क्या उसे नियमित रूप से यातना दी जाती थी तो आशु की पत्नी ने टोकते हुए कहा कि अभी आशु की मानसिक स्थिति वैसी नहीं है कि वह उन विवरणों को बता सके।

आशु ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं कि मेरी बहन के साथ 1990 में छेड़छाड़ की गई थी। उसके बाद से राठौड़ मुझे और मेरे परिवार को परेशान करता रहा। मेरे ऊपर झूठा मुकदमा किया गया जिसकी वजह से मेरी बहन ने आत्महत्या कर ली।"

आशु ने कहा कि मेरी मांग है कि राठौड़ को गिरफ्तार किया जाए और उसे सलाखों के पीछे किया जाए।

राठौड़ को 19 वर्ष पहले रुचिका से छेड़छाड़ के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। इस घटना के तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी। छेड़छाड़ की शिकायत करने के कारण राठौड़ के इशारे पर पुलिस रुचिका के परिवार को निशाना बना रही थी।

वर्ष 1990 से दिसंबर 1993 के बीच हरियाणा पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बाद आशु ने गुपचुप तरीके से सेक्टर-12-ए स्थित अपने घर को छोड़ दिया था।

नीले रंग की जिंस पैंट और सफेद रंग का जैकेट पहने आशु ने अपने पारिवारिक वकील पंकज भारद्वाज के साथ होंडा-सीआरवी कार में पंचकुला के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की।

उसके साथ उसके पिता एस. सी. गिरहोत्रा और रुचिका की सहेली अनुराधा के पिता आनंद प्रकाश थे।

इस बीच दिल्ली में चिदंबरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "रुचिका मामले में जिस तरीके से आरोप तय किए गए, सुनवाई की गई और आरोपी को सजा दी गई, उससे मैं खुश नहीं हूं।"

इस मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रतिक्रिया देने से इंकार करते हुए चिदंबरम ने कहा, "इस मामले में केंद्र सरकार क्या कर सकती है, उस पर मैं विचार करूंगा।"

चिदंबरम ने कहा, "रुचिका के पिता और उसके वकील ने बुधवार को मुझसे मुलाकात की थी। उन्होंने इस मामले में दोषी हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस. पी. एस. राठौर के खिलाफ दो नए मामले दर्ज करवाए हैं। उन्होंने कहा है कि आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भी वह राठौर के खिलाफ एक तीसरा मामला दर्ज करेंगे। उन्होंने मुझसे वादा किया है कि तीसरा मामला दर्ज होने के बाद वे उसकी एक प्रति मुझे भी भेजेंगे। जब मुझे मिल जाएगी तभी मैं इसके आगे कोई प्रतिक्रिया दे पाऊंगा।"

गृह मंत्री ने राठौड़ को कारण बताओ नोटिस दिए जाने के अपने मंत्रालय के फैसले को उचित ठहराया। उन्होंने कहा, "राठौड़ को सजा होने के बाद हमने यह कदम उठाया। गृह सचिव जी. के. पिल्लई ने सही कदम उठाया।"

गौरतलब है कि 12 अगस्त, 1990 को राठौर ने 14 वर्षीय रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और इसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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