भारतीय मूल के मुखर न्यायाधीश को मिलेगा नाइटहुड सम्मान

लंदन, 31 दिसम्बर (आईएएनएस)। अपनी मुखरता और वैचारिक दृढ़ता के लिए पहचाने जाने वाले ब्रिटेन के भारतीय मूल के पहले न्यायाधीश मोता सिंह को गुरुवार को ब्रिटेन के सर्वोच्च सम्मान के लिए चुना गया है।

लंदन के अमेरिकी दूतावास में एक बार अमेरिका के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ युद्ध की आलोचना करने वाले मोता सिंह का नाम नववर्ष पर सम्मानित होने वाले लोगों की सूची में शामिल किया गया है।

सिंह (79 वर्ष) को न्यायिक प्रशासन , सामुदायिक संबंधों और स्वैच्छिक क्षेत्र में सेवा के लिए नाइट की उपाधि के लिए चुना गया है।

सिंह ने वर्ष 1967 में पगड़ीधारी बैरिस्टर के रूप में ब्रिटिश अदालत में उपस्थित होकर सुर्खियां बटोरीं। वर्ष 1982 में न्यायाधीश बनने के बाद भी उन्होंने परंपरागत विग के स्थान पर पगड़ी पहनने पर जोर दिया। तबसे उनकी सफेद पगड़ी सार्वजनिक जीवन में उनकी पहचान बन गई।

नस्लीय या रंग के आधार कभी भी भेदभाव का शिकार नहीं होने की उनकी घोषणा से नाराज एशियाई मूल के वकीलों की नाराजगी भी उनको झेलनी पड़ी।

वर्ष 2007 में बैसाखी के दिन लंदन के अमेरिकी दूतावास में मुख्य अतिथि के रूप में सिंह ने कहा कि आतंकवादियों को सजा देने के अमेरिकी प्रयास से उनको कोई आपत्ति नहीं है लेकिन उसकी नाजायज नीति से आतंकवादी गतिविधियां घटने के बजाय बढ़ रही हैं।

इससे पहले नाइटहुड से सम्मानित होने वाले भारतीय मूल के अंतिम व्यक्ति लेखक सलमान रुश्दी हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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