बच्चों में किताबों के जरिए ज्ञान बांटती 'कथा' (पुस्तक समीक्षा फोटो सहित)
नई दिल्ली, 31 दिसम्बर (आईएएनएस)। समाज में इंटरनेट के दखल का प्रभाव बच्चों पर भी पड़ा है। बच्चे किताबों से अधिक इंटरनेट के पन्नों पर ध्यान दे रहे हैं। ऐसे समय में भी छोटे बच्चों को किताबों से जोड़ने का काम जारी है। इन दिनों बच्चों के लिए पशु-पक्षियों और पौधों को केंद्र में रखकर रोचक कहानियां गढ़ी जा रही है।
इसी विचार के साथ कहानियों और कथावाचन के क्षेत्र में छोटे बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था 'कथा' ने कॉमिक्सनुमा चार किताबें तैयार की है। बिल्ली को केंद्र में रखकर लिखी गई इन किताबों में पर्यावरण और नैतिकता का पाठ पढ़ाया गया है।
'कुट्टन और नीली तितली', 'कुटट्न का नया दोस्त', 'कुट्टन को मिली खुशी' और 'कुट्टन और टूटते तारे' ये चारों किताबें बच्चों को तस्वीरों के जरिए कहानी सुनाती है। इन किताबों में कुट्टन नामक एक बिल्ली मुख्य किरदार निभाती है। सुंदर तस्वीरों के साथ इसमें आप एक अलग दुनिया में खुद को पाते हैं।
श्रृंखला की पहली पुस्तक 'कुट्टन और नीली तितली' में बिल्ली के दो छोटे बच्चों की कहानी है, जिसमें एक का नाम कुट्टन है। दोनों प्रकृति की गोद में उछल-कूद मचाए रहते हैं लेकिन एक दिन वे घर का रास्ता भूल जाते हैं। ऐसे वक्त में एक तितली दोनों को घर तक पहुंचाती है।
कुट्टन जब घर पहुंचता है तो वह अपनी मां से कहता है, "मां- मां आज हम बरगद के बगीचे में खो गए थे और एक तितली ने हमें यहां पहुंचाया।" मां ने कहा, "तितली को पता था कि तुम खो गए थे, इसलिए उसने मदद की तुम्हारी। जिंदगी ऐसी ही है बच्चों। जब भी तुम कोई मुसीबत में हो, कोई जरूर तुम्हारी मदद करेगा। कितना अच्छा है न.।"
श्रृंखला की दूसरी किताब 'कुट्टन का नया दोस्त' में बिल्ली के साथ एक नेवले की भी कहानी है। पुस्तक में कु्ट्टन सपने में कहानी सुनाता है कि कैसे उसकी दोस्ती एक नेवले से होती है और नेवला एक सांप से उसकी रक्षा करता है। इस किताब में कहानी से अधिक बच्चों को तस्वीरें पसंद आएगी और साथ ही उन्हें जानवरों की आवाज शब्दों में पढ़ने को मिलेगा।
कथा की तीसरी पेशकश 'कुट्टन को मिली खुशी' नैतिकता का पाठ पढ़ाती है। इस किताब में कुट्टन बड़ा हो जाता है और वह अपने छोटे-भाई बहनों को प्रश्नों का जवाब देता है। किताब में पेड़-पौधों से प्रेम करने वाली मां-बेटी की कहानी कुट्टन अपने भाई-बहनों को सुनाता है, जिसमें पर्यावरण के प्रति जागरूक होने की बात कही गई है।
श्रृखंला की चौथी और अंतिम किताब है 'कुट्टन और टूटते तारे'। एक रात कुट्टन को आसमान में चमकती हुई लकीर दिखाई देती है जो वास्तव में एक तारा है। जब उसका दोस्त इसके बारे में पूछता है तो वह कहता है, "ये जुगनू हैं, जो कहीं खो गए थे और अब सब अपने-अपने घर लौट रहे हैं। ये अपने परिवार से मिलने के लिए धरती पर लौट रहे हैं।"
इन किताबों में ग्राफिक्स और सुंदर तस्वीरों के साथ शब्दों का खेल पढ़कर कॉमिक्स की याद ताजा हो जाती है लेकिन इन किताबों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कम शब्दों में यह बच्चों तक अनमोल जानकारियां पहुंचा रही है।
इन पुस्तकों की लेखिका लंदन स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज (एसओएएस) की छात्रा सिरीन कासिम हैं। पुस्तक में तस्वीरों की दुनिया को सोनल पनसे ने गढ़ा है।
(पुस्तक - कुट्टन सीरीज किताब 1-4, लेखिका- सिरीन कासिम, चित्रांकन-सोनल पनसे, प्रकाशक-कथा)
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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