बोलीविया ने जिंदल से निवेश वादे पर अमल को कहा
बोलीविया के उपराष्ट्रपति अल्वारो गार्सिआ लिनेरा ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हम निवेश में विलंब होता देख रहे हैं। हम विश्वास करते हैं कि जिंदल यह समझेगी कि उसे अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करना चाहिए। हम उन प्रतिबद्धताओं को पूरा किए जाने की मांग करते हैं।"
बोलीवियाई सरकार और भारतीय कंपनी ने वर्ष 2007 में एक संयुक्त उपक्रम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
समझौते के मुताबिक जिंदल को पांच सालों तक प्रति वर्ष 30 करोड़ डॉलर और उसके आगे तीन सालों तक प्रति वर्ष 20 करोड़ डॉलर की राशि का निवेश करना था। इस तरह कंपनी को कुल 2.1 अरब डॉलर की राशि निवेश करनी थी।
परियोजना का क्रियान्वयन देश के पूर्वी संता क्रूज प्रांत में किया जाना था।
समझौते के मुताबिक जिंदल और बोलीवियाई सरकार एल मुतुन लौह अयस्क भंडार का विकास करने के लिए 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी वाले एक संयुक्त उपक्रम का निर्माण करने वाले थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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