तेलंगाना पर सर्वदलीय बैठक

अलग तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर चल रहे विवाद में रास्ता तलाश करने के लिए केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों की एक बैठक पाँच जनवरी को बुलाई है.
इस बैठक के लिए राज्य के आठ मान्यता प्राप्त दलों को आमंत्रित किया गया है.
इस बीच तेलंगाना राज्य के लिए किए गए बंद के आह्वान को हैदराबाद सहित कई स्थानों पर व्यापक समर्थन मिला है. रेलवे ने 165 ट्रेनें रद्द कर दीं जबकि सड़क परिवहन विभाग ने 3500 बसों का संचालन रद्द कर दिया था.
जगह-जगह प्रदर्शन किए गए और कई जगह तोड़फोड़ की घटनाएँ भी हुईं.
कुछ हफ़्ते पहले तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष चंद्रशेखर राव भूख हड़ताल पर चले गए थे और अंतत अनशन के ग्यारहवें दिन केंद्र ने अलग तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरु करने की घोषणा की थी.
लेकिन इसके विरोध में तटीय आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों में संयुक्त आंध्र प्रदेश के पक्ष में प्रदर्शन और आंदोलन शुरु हो गए.
इसके कुछ दिन बाद गृह मंत्री पी चिदंबरम ने बयान दिया कि सभी राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद ही अलग तेलंगाना राज्य पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और इसके बाद से तेलंगाना के समर्थन में फिर से विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए हैं.
बैठक
गत 23 दिसंबर को गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि केंद्र सरकार राज्य के गठन के मुद्दे पर राज्य के सभी राजनीतिक दलों से विचार विमर्श करेगी.
इसी सिलसिले में उन्होंने कांग्रेस, तेलगुदेशम पार्टी, तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), प्रजा राज्यम, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एमआईएम को बैठक के लिए आमंत्रित किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी दोनों में इस मसले पर उच्च स्तर पर विचार विमर्श हुआ है और उसके बाद बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है.
मंगलवार को टीआरएस के नेता चंद्रशेखर राव कह चुके हैं कि वे तेलंगाना के मुद्दे पर किसी भी बैठक में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं लेकिन वे इसके लिए किसी समिति के गठन के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि यह समय की बर्बादी होगी.
तेलंगाना क्षेत्र के राजनीतिक नेता चाहते हैं कि केंद्र सरकार, केंद्रीय गृहमंत्री के नौ दिसंबर के बयान के मुताबिक़ राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरु करे.












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