अदन में चीनी सैन्य अड्डे का विचार

चीन ने अदन की खाड़ी क्षेत्र में अपना एक नौसैनिक अड्डा बनाने की पेशकश की है ताकि वहाँ समुद्री लूटपाट के ख़िलाफ़ अभियान में चीनी जहाज़ इत्मीनान से भाग ले सकें.
चीन के एक वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी रीयर एडमिरल यीन झोऊ ने यह प्रस्ताव चीनी रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर प्रकाशित किया है.
उन्होंने कहा है कि अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों के ख़िलाफ़ अभियान चलाने में चीनी बेड़े को आपूर्ति बनाए रखना बहुत चुनौती भरा काम है. हालाँकि चीन के जहाज़ों को फ्रांसीसी नौसैनिक अड्डे का इस्तेमाल करने की इजाज़त है.
चीन की नौसेना अदन की खाड़ी में पिछले क़रीब एक वर्ष से गश्त लगा रही है. इन गश्त अभियानों में चीन की नौसेना ऐसे वाणिज्य जहाज़ मार्गों की हिफ़ाज़त करती है जो चीनी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. लेकिन इन वाणिज्य मार्गों से होकर जाने वाले जहाज़ों के लिए सोमालिया स्थित समुद्री लुटेरों से भारी ख़तरा पैदा हो गया है.
अदन की खाड़ी सोमालिया के निकट जल क्षेत्र में ही है जहाँ समुद्री लुटेरों से अंतरराष्ट्रीय समुदाय ख़ासा परेशान है.
इस अभियान में जिन जहाज़ों को तैनात किया गया था उन्होंने बिना किसी किनारे पहुँचे चार महीने समुद्र में गुज़ारे थे. रीयर एडमिरल यीन झोऊ ने अब कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसे हालात में अदन की खाड़ी में चीन के एक स्थाई नौसैनिक अड्डे की ज़रूरत को अन्य देश समझने की कोशिश करेंगे.
उन्होंने ये भी कहा है कि इस अड्डे की स्थापना के साथ चीन अपनी अंतरराष्ट्रीय समुद्री ज़िम्मेदारियों को पूरा कर सकेगा. एडमिरल यीन झोऊ ने हालाँकि अभी ये नहीं कहा है कि ये नौसैनिक अड्डा कहाँ बनाया जा सकता है क्योंकि इस तरह के फ़ैसले शीर्ष सैनिक अधिकारियों को लेने होते हैं.
एडमिरल यीन झोऊ नौसैनिक सूचना शोध संस्थान के निदेशक भी हैं.
आपूर्ति सुनिश्ति होगी
चीनी रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर उनके इस प्रस्ताव का ब्यौरा पेश किया गया है.
उनका कहना है कि इस तरह के स्थाई नौसैनिक अड्डे की बदौलत चीन को ताज़ा फलों और सब्ज़ियों, पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी, साथ ही जहाज़ों की मरम्मत, उन्हें आराम देना और ज़ख़्मी कर्मचारियों को चिकित्सा सहायता पहुँचाने के कार्यों में मदद मिलेगी और सूचना संपर्क भी मज़बूत हो सकेगा.
चीन ने सोमाली तट के नज़दीक जल क्षेत्र में गश्त मुहैया कराने के लिए अपने तीन जहाज़ों का दल दिसंबर 2008 में तैनात किया था क्योंकि वहाँ चीन और अन्य देशों को जाने वाले जहाज़ों पर समुद्री लुटेरों के हमले बढ़ने लगे थे.
अमरीका, जापान और यूरोपीय संघ के अदन की खाड़ी में पहले से ही नौसैनिक अड्डे हैं. चीन की नौसेना आमतौर पर अपने ख़ुद के जल क्षेत्र की सुरक्षा करती रही है लेकिन हाल के समय में चीनी नौसेना ने ज़्यादा दूर और बड़े इलाक़े में, यहाँ तक कि जटिल अभियान चलाने की क्षमता हासिल कर ली है.












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