राठौड़ को नहीं मिली जमानत, विशेष जांच दल करेगा आरोपों की जांच (राउंडअप)
पंचकूला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस.पी. सिंह ने कहा कि राठौड़ की याचिका पर एक जनवरी को सुनवाई होगी। न्यायधीश ने राठौड़ के वकील से कहा कि वह अगली सुनवाई पर सभी दस्तावेज अदालत को सौंपे।
अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद राठौर पत्नी आभा राठौड़ के साथ बाहर निकला। उसने मीडिया से कोई बात नहीं की। सिर्फ इतना ही कहा कि उसे जो कुछ भी बोलना होगा वह अदालत के समक्ष कहेगा, मीडिया से नहीं। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी।
पेशे से वकील और राठौड़ की पत्नी आभा ने कहा कि विगत 19 वर्षो में रुचिका के भाई ने कभी यह आरोप नहीं लगाया कि राठौड़ ने उसकी हत्या की कोशिश की। उन्होंने कहा कि नई प्राथमिकियां सिर्फ मीडिया के दबाव में और राठौड़ को नीचा दिखाने के लिए दर्ज की गईं। उन्होंने कहा कि राठौड़ पुलिस के दूसरे महकमों में थे और उनका आशु के खिलाफ मामलों से कोई संबंध नहीं था।
इस मामले तूल पकड़ने के बाद राठौड़ पहली बार बुधवार को घर से बाहर निकला। उसके हाथ में एक फाइल थी और वह सीधे पंचकूला की अदालत पहुंचा।
राठौड़ के हावभाव उस दिन के हावभाव से काफी जुदा थे जब 21 दिसम्बर को उसे इस मामले में महज छह महीने की जेल और 1,000 रुपये के जुर्माने सजा सुनाए जाने के बाद जमानत दे दी गई थी। इस बार उसके चेहरे पर मुस्कान नहीं थी और वह सवालों से बचते हुए पत्नी के साथ निकल गया।
इससे पहले मंगलवार शाम राठौड़ के खिलाफ दो नई प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं। राठौड़ के खिलाफ हत्या का प्रयास, धमकी देने, सबूतों से छेड़छाड़ करने और आपराधिक साजिश रचने जैसे मामले दर्ज किए गए हैं।
उधर, राठौड़ के खिलाफ इन नई प्राथमिकियों में उन पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए हरियाणा पुलिस ने एक विशेष जांच दल गठित करने की घोषणा की। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आर. एस. दलाल ने राज्य के एक पूर्व पुलिस महानिदेशक के खिलाफ बुधवार को यह जांच दल गठित की।
हरियाणा पुलिस के एक प्रवक्ता के मुताबिक पुलिस महानिरीक्षक एस. एस. कपूर की अध्यक्षता में गठित इस जांच दल में पंचकूला जिले के पुलिस प्रमुख मनीष चौधरी को शामिल किया गया है। यह जांच दल मंगलवार शाम राठौड़ के खिलाफ दर्ज की गई नई प्राथमिकियों में लगाए गए आरोपों की जांच करेगा। उन्होंने कहा कि इस जांच दल को मामले की जल्द से जल्द जांच करने को कहा गया है।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने रुचिका के परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। रुचिका के पिता सुभाषचंद्र गिरहोत्रा ने चिदम्बरम से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी।
गिरहोत्रा ने गृह मंत्री के साथ हुई अपनी मुलाकात को संतोषजनक करार दिया। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "बैठक से मैं संतुष्ट हूं। उन्होंने (चिदम्बरम) मेरी बातों को धर्य से सुना।"
गिरहोत्रा के साथ चिदम्बरम से मिलने गए उनके वकील पंकज भारद्वाज ने कहा, "मुझे भरोसा है कि हमें न्याय मिलेगा।" उन्होंने कहा, "मामले को फिर से खोलने के संबंध में उनकी गृह मंत्री से चर्चा हुई है। हमने उनके समक्ष अपनी बातें रखी है और मामले को दोबारा कैसे खोला जा सकता है, इस पर उन्हें कुछ सुझाव भी दिए।"
यह पूछे जाने पर कि यह मामला दोबारा कब खुलेगा, उन्होंने कहा कि गृह मंत्री इस संबंध में अपने अधिकारियों से चर्चा करेंगे। "हो, सकता है कि वह हमें फिर बुलाएं।"
गौरतलब है कि 12 अगस्त, 1990 को राठौर ने 14 वर्षीय रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और इसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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