न्यायमूर्ति अहमद की रिपोर्ट पर उमर ने की प्रधानमंत्री से चर्चा (लीड-2)

प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि सभी पांचों कार्यसमूहों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए उमर ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। इन कार्यसमूहों के गठन की घोषणा मई 2006 में दूसरी गोलमेज वार्ता के बाद की गई थी।

दिल्ली में अप्रैल 2007 में हुए तीसरे गोलमेज सम्मेलन में सभी कार्य समूहों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी जबकि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अहमद ने पिछले सप्ताह जम्मू में मुख्यमंत्री उमर अब्दुला को अपनी रिपोर्ट सौंपी।

माना जा रहा है कि रिपोर्ट में जम्मू एवं कश्मीर की स्वायत्तता 'संभव होने पर' पुन: बहाल करने की सिफारिश की गई है।

उमर ने प्रधानमंत्री से कहा कि कार्य समूहों की सिफारिशों पर अमल से जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को शेष देश से जोड़ने में बहुत मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे मौजूदा समय में कम हुए भरोसे का स्तर बढ़ेगा।

उमर का मानना है कि सिफारिशों को लागू करने से लोगों में विश्वास को बढ़ाया जा सकेगा और उनमें मौजूद अलग-थलग होने की भावना को खत्म किया जा सकेगा।

बैठक में अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें सुरक्षा बलों की तैनाती की समीक्षा, अलगाववादी नेताओं के साथ बातचीत और विकास से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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