कार्नर शॉट वेपन्स चाहती है भारतीय सेना
रक्षा मंत्रालय ने विभिन्न कंपनियों को जारी सूचना के आग्रह (आरएफआई) में कहा कि मंत्रालय कार्नर शॉट वेपन्स खरीदने का इच्छुक है। हथियार को 200 मीटर दूर तक के लक्ष्यों को प्रभावी तरीके से निशाना बनाने में सक्षम होना चाहिए।
इन हथियारों का उपयोग सेना की विशेष इकाइयों द्वारा किए जाने की संभावना है।
आरएफआई में खरीदे जाने वाले हथियारों की संख्या का उल्लेख नहीं किया गया है। आपूर्तिकर्ता को हथियारों को लाइसेंस के तहत भारत में बनाने की अनुमति देने की इच्छा का भी विशेष रूप से उल्लेख करना आवश्यक है।
एक अमेरिकी-इजरायली कंपनी कार्नर शॉट होल्डिंग्स ने दिसम्बर 2003 में उच्च प्रौद्योगिकीयुक्त एक हथियार को पेश किया था। इसका उपयोग दुनिया की कई सेनाएं पहले ही कर रही हैं। इस हथियार में उच्च रिजॉल्यूशन वाला छोटा कैमरा और मॉनीटर लगा हुआ है जो विभिन्न कोणों पर लक्ष्यों की पहचान करता है।
भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह का हथियार मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले जैसी स्थितियों में बहुत उपयोगी हो सकता है।
दोनों तरफ 63 डिग्री तक घूम सकने वाले इस हथियार को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) 758,000 रुपये प्रति इकाई की दर से खरीद रहा है।
एनएसजी अब इस प्रकार के और अधिक हथियारों को खरीदने की योजना बना रहा है जिससे कि वह स्विट्जरलैंड की एसआईजी-551 या उससे उन्नत एसआईजी-553 राइफलें खरीद सकें। इसका उपयोग अमेरिका की स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिस (एसडब्ल्यूएटी) टीम और अन्य पश्चिमी देशों की आतंकवाद विरोधी इकाइयां करती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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