कश्मीर में शासकीय कर्मचारी हड़ताल पर
विरोधस्वरूप कर्मचारियों के एक दिवसीय हड़ताल पर चले जाने से राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और घाटी के अन्य जिला मुख्यालयों के सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा हुआ था।
शासकीय कर्मचारियों की संयुक्त कार्य समिति के प्रमुख प्रवक्ता फारुक अहमद तरेली का कहना है, "राज्य सरकार ने 18 अगस्त को हमारे साथ हुए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और उसने अक्टूबर 2009 तक हमारी मांगे पूरी करने के लिए कहा था।"
उन्होंने कहा, "हम निर्धारित समय सीमा से दो महीना अधिक इंतजार कर चुके हैं लेकिन अब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हुई हैं।"
कर्मचारियों के प्रवक्ता के मुताबिक राज्य सरकार छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के साथ सेवानिवृत्ति की आयु 58 से 60 वर्ष करने, एरियर का 40 प्रतिशत बकाया राशि देने, सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वालों के रहने के खर्च को महंगाई भत्ता में बदलने और विभिन्न शासकीय विभागों में दैनिक वेतन भोगी के रूप में काम करने वालों को नियमित किए जाने पर सहमत हो गई थी।
प्रवक्ता ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर के बावजूद सरकार ने अब तक मांगें पूरी नहीं की हैं।
शासकीय दफ्तरों के बंद होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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