लोहे की दो छड़े निकालकर चिकित्सकों ने दिया नई जिंदगी का तोहफा
एक निर्माणाधीन इमारत के छज्जे से नीचे गिरा श्रमिक रमेश कुमार (27) लोहे की दो छड़ों पर जा गिरा था। पहले उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां से उसे सीएसएमएमयू में स्थानांतरित किया गया, जहां मंगलवार को उसकी सफलतापूर्वक सर्जरी की गई।
रमेश का ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों में से एक अरशद अहमद ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि एक छड़ दाहिनी तरफ की पसलियों को क्षतिग्रस्त करती हुई गर्दन के पिछले हिस्से से बाहर निकल गई थी जबकि दूसरी फेफड़े को क्षतिग्रस्त करते हुए आर-पार हो गई थी।
अहमद ने कहा कि पीड़ित की सर्जरी करने में बहुत बड़ा जोखिम था। आर-पार घुसी लोहे की छड़ों को निकालने में तनिक भी असावधानी होने पर वे छड़े शरीर के दूसरे अंगों को क्षतिग्रस्त कर सकती थीं, जिससे उसकी जान जा सकती थी।
एक्सरे और सीटी स्कैन के बाद चिकित्सकों ने उसकी सर्जरी करने का फैसला किया।
सर्जरी करने वाले एक चिकित्सक सुरेश कुमार ने बताया कि अब रमेश की हालत खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि होश में आने के बाद रमेश को भरोसा नहीं हो रहा था कि वह जीवित है।
राजधानी के गोमतीनगर इलाके में सोमवार रात एक इमारत में काम कर रहा श्रमिक रमेश छज्जे से नीचे दो छड़ों पर जा गिरा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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