चंबल पुल हादसे में 5 शव और मिले
उधर, गोवा और मुंबई से समुद्री गोताखोरों की विशेष टीमें बुलाने के साथ ही 100 मीटर गहराई तक का दृश्य कवर करने वाले विशेष कैमरों की मदद से चम्बल में डूबे शेष शवों की खोजबीन तेज कर दी गई है।
दुर्घटना स्थल पर राहत कार्य रविवार रात भी जारी रहा। तेज रोशनी में भारी क्रेनों से मलबा हटाने के काम को युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। चंबल नदी में शव तलाशने में नाकाम रहे नेवी और गुजरात के दलों के बाद आज गोवा से 11 सदस्यीय गोताखोर टीम कोटा पहुंची। इस टीम को नदी में जाकर शव निकालने में दक्षता हासिल है।
जिला कलक्टर टी. रविकांत ने बताया कि भारी मलबा अभी तक नदी में गिरा हुआ है जिसके नीचे शवों के दबे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि सेना, नेवी, राजस्थान पुलिस के जवानों सहित गुजरात से आए विशेष आपदा राहत दल के सदस्यों ने रविवार रात को भी अभियान जारी रखा। उन्होंने बताया कि नदी में मलबे के नीचे अभी कई शव दबे हुए हैं और उन्हें निकालने की हरसंभव कोशिश की जा रही है।
रविवार रात को सेना और आरएसी के जवानों ने रेसक्यू ऑपरेशन चलाकर मलबे में दबे पांच और शव बाहर निकाले जो पूरी तरह गल चुके हैं। शवों से फैल रही दुर्गंध के कारण जवानों को काम करने में भारी दिक्कत आ रही है। प्रशासन ने बीमारियां नहीं फैलें इसके लिए आसपास के इलाकों में मॉस्क लगाकर निकलने के लिए कहा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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